रांची : बजट सत्र के दौरान हाथियों के बढ़ते हमलों का मुद्दा सदन में जोरदार ढंग से उठा. रामेश्वर उरांव ने बताया कि पिछले दो सप्ताह में हाथियों के हमलों में 23 लोगों की जान जा चुकी है और मुआवजा राशि 10 लाख रुपये करने की मांग की. इस पर मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि झारखंड में बहुत जल्द एलिफेंट रेस्क्यू सेंटर खोला जाएगा और पांचों प्रमंडलों में क्विक रिस्पांस टीम का गठन किया जाएगा. घायल हाथियों के उपचार के लिए दो मोबाइल वेटनरी यूनिट भी स्थापित की जाएंगी और एलिफेंट कॉरिडोर में हाथियों के भोजन की समुचित व्यवस्था पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है. मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि कई विकास परियोजनाएं एलिफेंट कॉरिडोर में बाधा बन रही हैं.

मजबूत एसओपी और त्वरित मुआवजा व्यवस्था
मंत्री ने कहा कि हाथियों के हमलों को रोकने के लिए एक मजबूत एसओपी तैयार की जा रही है ताकि घटनाओं पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई हो सके. अब हाथियों के हमले में जान गंवाने वाले पीड़ित परिवारों को 10 दिनों के भीतर मुआवजा देने की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही आक्रामक हाथियों को ट्रैंक्विलाइज करने के लिए तमिलनाडु से छह कुनकी हाथी मंगाए जा रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.

