रांची: झारखंड के विभिन्न जिलों में हाल के दिनों में बच्चा चोरी की अफवाहों ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया है. सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक संदेशों के कारण निर्दोष राहगीरों, मजदूरों और मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों को निशाना बनाया जा रहा है. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए रांची पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. एसएसपी राकेश रंजन ने स्पष्ट कर दिया है कि मॉब लिंचिंग या हिंसा करने वालों के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी.

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अफवाहों के आधार पर हिंसा एक गंभीर अपराध:
एसएसपी राकेश रंजन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अजनबी को केवल शक के आधार पर अपराधी न मानें. उन्होंने जोर देकर कहा कि,मारपीट दंडनीय अपराध है. किसी संदिग्ध को पकड़कर उसके साथ मारपीट करना खुद एक बड़ा अपराध है.भीड़ जुटाकर हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित होगी.
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सूचना देने की अपील:
एसएसपी ने कहा कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे, तो तुरंत 112 टोल फ्री नंबर या स्थानीय थाने को सूचित करें.पुलिस ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के लिए भी सख्त गाइडलाइन जारी की है. पुलिस का कहना है कि, बिना सत्यापन के कोई भी फोटो, वीडियो या संदेश फॉरवर्ड न करें.भ्रामक सूचना फैलाना आईटी एक्ट और अन्य कानूनी धाराओं के तहत अपराध है.संदिग्ध पोस्ट दिखने पर उसे लाइक या शेयर करने के बजाय सीधे पुलिस को रिपोर्ट करें.

