पलामू: नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में महिला संगठनों ने निकाली स्कूटी रैली

पलामू: महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रतीक “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के समर्थन में आज मेदिनीनगर में विभिन्न महिला संगठनों...

scooter rally
महिला संगठनों ने निकाली स्कूटी रैली

पलामू: महिलाओं के अधिकार, सम्मान और सशक्तिकरण के प्रतीक “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के समर्थन में आज मेदिनीनगर में विभिन्न महिला संगठनों द्वारा एक भव्य स्कूटी रैली का आयोजन किया गया. यह रैली शहर के महापौर आवास से शुरू होकर छः मुहान चौक, हॉस्पिटल चौक, कचहरी चौक होते हुए लता मंगेशकर चौक तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.

महापौर अरुणा शंकर ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

रैली को मेदिनीनगर की महापौर अरुणा शंकर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर वे स्वयं भी स्कूटी रैली में शामिल हुईं और महिलाओं का उत्साहवर्धन किया. पूरे मार्ग में महिलाओं ने एकजुटता और सशक्तिकरण का संदेश देते हुए “नारी शक्ति जिंदाबाद” जैसे नारों से वातावरण को ऊर्जा से भर दिया.

करोड़ों माताओं और बहनों को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम

महापौर अरुणा शंकर ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” देश की करोड़ों माताओं और बहनों के सम्मान, अधिकार और आत्मबल को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. उन्होंने इसे केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि “नारी तू नारायणी” की भावना को साकार करने का राष्ट्रीय प्रयास बताया. रैली में शामिल भाजपा नेत्री स्मिता आनंद ने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में महिलाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के अभूतपूर्व प्रयास हुए हैं. महिलाओं ने इस ऐतिहासिक अधिनियम के लिए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और इसे सामाजिक-राजनीतिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक युगांतरकारी कदम बताया.

रैली में शामिल महिला संगठनों की प्रतिनिधियों ने भी इस अधिनियम को महिलाओं के सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए मील का पत्थर बताया. उन्होंने कहा कि यह पहल देश की महिलाओं को नई दिशा और आत्मविश्वास प्रदान करेगी. इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, कि उनके नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं.

मेदिनीनगर की यह स्कूटी रैली न केवल महिलाओं की एकजुटता का प्रतीक बनी, बल्कि समाज में नारी सशक्तिकरण के संदेश को भी मजबूती से स्थापित कर गई. यह आयोजन दर्शाता है कि आज की महिला अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए तत्पर है.

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