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हजारीबाग: बड़े रेस्टोरेंट्स और नामचीन बेकरियों में छापा, पिज्जा हट, केएफसी और आरोग्यं कैंटीन समेत कई जगहों पर छापेमारी, मिली कई कमियां

Hazaribagh: हजारीबाग शहर के लोग जिन बड़े-बड़े ब्रांड्स और नामचीन रेस्टोरेंट्स में बड़े चाव से खाना खाने जाते हैं, वहां स्वच्छता के...

Hazaribagh: हजारीबाग शहर के लोग जिन बड़े-बड़े ब्रांड्स और नामचीन रेस्टोरेंट्स में बड़े चाव से खाना खाने जाते हैं, वहां स्वच्छता के मानकों को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. जिला प्रशासन ने आम जनता की सेहत से होने वाले खिलवाड़ को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है. उपायुक्त हेमंत सती और अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशि जायसवाल के निर्देश पर शनिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने पूरे शहर में एक साथ औचक निरीक्षण अभियान चलाया. इस अचानक हुई कार्रवाई से शहर के बड़े-बड़े खाद्य व्यवसायियों और होटल संचालकों के बीच हड़कंप मच गया.

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नामचीन रेस्टोरेंट्स से लेकर अस्पताल की कैंटीन तक खंगाली गई

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मो. मंजर हुसैन के नेतृत्व में गठित एक विशेष हाईटेक टीम ने शहर के कई नामचीन और वीआईपी इलाकों में स्थित प्रतिष्ठानों पर धावा बोला. इस जांच टीम ने माला इंडस्ट्रीज, आरोग्यं हॉस्पिटल कैंटीन, लॉकअप रेस्टोरेंट, न्यू फ्रंटियर बेकरी, पेपर एंड साल्ट, पिज्जा हट और केएफसी रेस्टोरेंट के परिसरों की सघन जांच की. अधिकारी खुद इन सभी बड़े आउटलेट्स के किचन के भीतर दाखिल हुए और वहां इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, खाद्य सामग्री के रख-रखाव, फ्रीजर के तापमान और साफ-सफाई के स्तर को बहुत ही बारीकी से खंगाला. इस गहन औचक निरीक्षण के दौरान टीम को कई नामचीन प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी गंभीर कमियां देखने को मिलीं. कई जगह रख-रखाव की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई, जो सीधे तौर पर ग्राहकों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकती है. विभाग ने इन कमियों को बेहद गंभीरता से लिया है.

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14 दिनों का अल्टीमेटम

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मो. मंजर हुसैन ने कड़ा रुख अपनाते हुए गड़बड़ी करने वाले सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को मौके पर ही चेतावनी दी. विभाग की ओर से इन सभी संस्थानों को अपनी व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 14 दिनों का समय दिया. उन्हें सख्त निर्देश दिया गया कि इस तय समय सीमा के भीतर वे अपने किचन और रख-रखाव की कमियों को पूरी तरह दूर कर लें. इसके बाद सुधारात्मक कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट भारत सरकार के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से विभाग को सबमिट करें. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित 14 दिनों के भीतर निर्देशों का पालन नहीं किया गया और लापरवाही जारी रही, तो इन सभी प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के कड़े प्रावधानों के तहत सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसमें भारी जुर्माने से लेकर लाइसेंस रद्द करने तक का प्रावधान शामिल हैं. उन्होंने साफ कहा कि जनता को सुरक्षित और शुद्ध भोजन देना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है और बड़े ब्रांड्स के नाम पर स्वच्छता से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. शहर में यह औचक चेकिंग अभियान आगे भी बिना किसी सूचना के लगातार जारी रहेगा.

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