Hazaribagh: पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने शनिवार को गया-कोडरमा-हजारीबाग टाउन-अरगडा-पतरातू-गढ़वा रोड रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने रेलखंड के विभिन्न स्टेशनों, पुल-पुलियों, ओएचई प्रणाली, ट्रैक संरचना तथा रेल संरक्षा से जुड़े कार्यों का विस्तृत अवलोकन किया.

टनल संख्या-01 पर विशेष फोकस
निरीक्षण के क्रम में महाप्रबंधक ने ग्रैंड कॉर्ड लाइन के महत्वपूर्ण गुरपा-गझंडी घाट सेक्शन के बीच स्थित टनल संख्या-01 का विशेष रूप से गहन निरीक्षण किया. रेलवे इस सेक्शन में बीओबीआर रेक के परिचालन को शुरू करने की दिशा में कार्य कर रहा है. इसके लिए टनल का पुनः डिजाइन तैयार कर उसका आयाम बढ़ाने का चुनौतीपूर्ण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है. महाप्रबंधक ने मौके पर चल रहे निर्माण एवं तकनीकी कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए.
पिछले महीने हुआ था सफल ट्रायल
गौरतलब है कि पिछले महीने ही महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने गुरपा-गझंडी घाट सेक्शन की डाउन लाइन पर खाली बीओबीआर रेक के सफल ट्रायल का निरीक्षण किया था. अब अप लाइन पर भी ऐसे रेकों के सुचारू परिचालन को सुनिश्चित करने के लिए टनल संख्या-01 के विस्तार और उन्नयन का कार्य किया जा रहा है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार टनल के आयाम बढ़ने के बाद इस सेक्शन में बीओबीआर रेकों का संचालन अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगा.
कोयला परिवहन को मिलेगा बड़ा लाभ
गुरपा-गझंडी घाट सेक्शन में बीओबीआर रेक परिचालन शुरू होने से कोयला परिवहन व्यवस्था को महत्वपूर्ण मजबूती मिलेगी. विशेष रूप से बाढ़ और बरौनी एनटीपीसी ताप विद्युत संयंत्रों के लिए वैगनों की उपलब्धता बढ़ेगी तथा वैगन टर्नराउंड समय में उल्लेखनीय कमी आएगी. रेलवे का मानना है कि रेकों की तेजी से आवाजाही होने से माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी और अधिक लोडिंग संभव हो पाएगी, जिससे राजस्व में भी वृद्धि होगी.
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रेलवे के लिए रणनीतिक महत्व का प्रोजेक्ट
निरीक्षण के दौरान धनबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अखिलेश मिश्र सहित मुख्यालय एवं मंडल के अनेक वरिष्ठ अधिकारी और रेलवे कर्मचारी उपस्थित रहे. अधिकारियों ने महाप्रबंधक को चल रही परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी भी दी.
गुरपा-गझंडी घाट सेक्शन देश के सबसे महत्वपूर्ण रेल माल ढुलाई मार्गों में शामिल है. यहां बीओबीआर रेक परिचालन शुरू होने से न केवल कोयला परिवहन की दक्षता बढ़ेगी, बल्कि पूर्व मध्य रेलवे के माल राजस्व और परिचालन क्षमता को भी नई मजबूती मिलेगी.
