Gumla: गुमला उपायुक्त के निर्देश पर गुमला जिला में संचालित 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के तहत आज 13 अप्रैल को बाल सुधार गृह सिलम, गुमला और वृद्धाश्रम सिलम, गुमला में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया. ऑन-स्पॉट एक्स-रे जांच की गई. इस अभियान का उद्देश्य जोखिम क्षेत्रों एवं सामूहिक रूप से रहने वाले समूहों (कांग्रिगेट सेटिंग्स) में टीबी रोग की शीघ्र पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित करना है. इसी क्रम में पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से मौके पर ही स्क्रीनिंग एवं जांच की सुविधा प्रदान की गई. साथ ही संदिग्ध मरीजों के बलगम के नमूने भी संग्रहित किए गए. कार्यक्रम के दौरान बाल सुधार गृह सिलम में कुल 56 व्यक्तियों का ऑन-स्पॉट एक्स-रे जांच किया गया, जबकि वृद्धाश्रम सिलम में 16 वृद्धजनों की जांच मौके पर की गयी.
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बाल बंदियों को किया गया जागरूक
इस मौके पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. के. के. मिश्रा ने उपस्थित बाल बंदियों एवं अन्य लोगों को टीबी रोग के लक्षण, जांच, उपचार, दवा सेवन की अवधि, पोषण आहार के महत्व एवं सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रोत्साहन राशि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने निक्षय मित्रों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले पोषण सहायता की जानकारी भी साझा की. डॉ. मिश्रा ने बाल सुधार गृह में रहने वाले किशोरों को संबोधित करते हुए उन्हें एक जिम्मेदार एवं आदर्श नागरिक बनने की प्रेरणा दी तथा समाज को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने के लिए जागरूक किया. इस कार्यक्रम में बाल सुधार गृह के उपाधीक्षक सहित टीबी विभाग के हरिशंकर मिश्रा, मुकेश कुमार सिंह, सुधांशु भूषण मिश्रा, राजेश उरांव, श्री उपेंद्र साहू (एक्स-रे टेक्नीशियन) एवं टीबी चैंपियन संध्या सिंह की सक्रिय सहभागिता रही.
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हाई रिस्क गांवों में आयुष्मान आरोग्य शिविर लगेगा
इसके अतिरिक्त, 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के अंतर्गत गुमला सदर प्रखंड के हाई रिस्क गांवों में आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित कर ऑन-स्पॉट एक्स-रे जांच की जाएगी. निर्धारित तिथियां इस प्रकार हैं—
15 अप्रैल 2026: जोरी एवं खरका
17 अप्रैल 2026: डुमरला एवं मुरुमसोकरा
20 अप्रैल 2026: टोटो एवं आंजन
22 अप्रैल 2026: घटगांव एवं गम्हरिया
24 अप्रैल 2026: खोरा, करौंदा एवं लांजी
27 अप्रैल 2026: कुम्हरिया एवं कोयंजरा
28 अप्रैल 2026: कालिगा एवं ढिढौली
29 अप्रैल 2026: मुरकुंडा, कुटमा एवं केसीपारा
04 मई 2026: पगु, उर्मी एवं टैंसेरा
05 मई 2026: जोराग
06 मई 2026: नावाडीह एवं असनी
इन शिविरों में टीबी के असुरक्षित समूह के लोगों की स्क्रीनिंग करते हुए पोर्टेबल एक्स-रे मशीन द्वारा मौके पर ही जांच की जाएगी तथा संदिग्ध मरीजों की आगे की जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जाएगा. जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित यह अभियान टीबी उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी रूप से पहुंचाई जा रही हैं.
