RANCHI: झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर महिलाओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है. महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को लेकर छिड़े सियासी घमासान के बीच कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि भाजपा की मंशा महिलाओं को अधिकार देने की नहीं, बल्कि उन्हें केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने की है.
भाजपा की नीयत में खोट, जनगणना के नाम पर टालमटोल
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को धोखा देना चाहती है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार की मंशा साफ होती, तो वर्तमान 543 सीटों पर ही 2024 के चुनाव में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा सकता था.
उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 180 हो जाती, लेकिन सरकार ने इसे जनगणना और परिसीमन के जाल में उलझाकर 2029 तक के लिए टाल दिया है.
लोकतंत्र को कलंकित होने से बचाया
कांग्रेस के अनुसार, 131वें संविधान संशोधन विधेयक का पारित न होना लोकतंत्र की एक बड़ी जीत है. सोनाल शांति ने कहा कि लोकतंत्र के पहरेदारों ने इसे कलंकित होने से बचा लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के संघीय ढांचे को बदलने और महिलाओं की भावनाओं का इस्तेमाल कर सत्ता में बने रहने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘फुल प्रूफ’ योजना धराशायी हो गई है.
बाबूलाल मरांडी से मांगा जवाब
कांग्रेस ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को घेरते हुए पूछा कि आखिर क्या कारण था कि 2023 के विधेयक के बावजूद हड़बड़ी में पुनः बिल लाया गया. उन्होंने दावा किया कि झारखंड की महिलाएं अब भाजपा के झांसे में नहीं आएंगी.
कांग्रेस ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि वह महिलाओं की सत्ता में सीधी भागीदारी के लिए हमेशा संकल्पित रही है. 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से निकायों में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया, जिसका परिणाम है कि आज देश भर में 15 लाख से अधिक महिलाएं सत्ता व्यवस्था संभाल रही हैं.
