Hazaribagh: जिले में खास महाल की जमीनों को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि हजारीबाग खास महाल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 22 मौजों में स्थित कुल 796.17 एकड़ भूमि का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाएगा. यह विशेष अभियान 08 जून से 08 जुलाई 2026 तक चलेगा.

एक माह तक चलेगा विशेष सर्वे अभियान
जिला प्रशासन के अनुसार सर्वेक्षण का उद्देश्य खास महाल भूमि की वर्तमान स्थिति का वास्तविक आकलन करना है. इसके तहत लीज नवीकरण, नामांतरण, हस्तांतरण, प्रयोजन परिवर्तन, पुनर्ग्रहण तथा अतिक्रमण से जुड़े मामलों की जांच की जाएगी. सर्वेक्षण के दौरान जमीन की भौतिक स्थिति और अभिलेखीय रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा. प्रशासन का मानना है कि लंबे समय से लंबित कई मामलों के समाधान और भूमि अभिलेखों को अद्यतन करने में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
पांच सदस्यीय टीमों का किया गया गठन
सर्वेक्षण कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए प्रशासन ने पांच सदस्यीय टीमों का गठन किया है. प्रत्येक टीम में एक पदाधिकारी, एक राजस्व उप निरीक्षक, एक अमीन, एक फोटोग्राफर और एक चौकीदार को शामिल किया गया है. ये टीमें संबंधित क्षेत्रों में जाकर स्थल निरीक्षण करेंगी, भूमि की वास्तविक स्थिति का सत्यापन करेंगी तथा उपलब्ध दस्तावेजों और सरकारी अभिलेखों की जांच करेंगी. सर्वेक्षण के दौरान आवश्यक फोटोग्राफी और रिकॉर्डिंग भी की जाएगी, ताकि प्रत्येक मामले का सटीक दस्तावेजीकरण सुनिश्चित हो सके.
अतिक्रमण और अनियमितताओं पर रहेगी विशेष नजर
सूत्रों के अनुसार सर्वेक्षण के दौरान खास महाल भूमि पर हुए संभावित अतिक्रमण, बिना अनुमति निर्माण, अवैध कब्जा तथा भूमि उपयोग में अनधिकृत बदलाव जैसे मामलों की भी जांच की जाएगी. प्रशासन को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से सरकारी भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और भविष्य की कार्रवाई के लिए ठोस आधार तैयार होगा.
लोगों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने खास महाल भूमि पर निवास करने वाले सभी व्यक्तियों, लीजधारकों तथा संबंधित पक्षों से सर्वेक्षण के दौरान स्थल पर उपस्थित रहने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील की है. प्रशासन का कहना है कि लोगों के सहयोग से सर्वेक्षण कार्य पारदर्शी और सुचारू रूप से संपन्न हो सकेगा.
तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्पष्ट किया गया कि सर्वेक्षण के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में खास महाल भूमि से जुड़े सभी व्यक्तियों के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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क्या है खास महाल भूमि?
खास महाल उन भूमि क्षेत्रों को कहा जाता है जो सरकार के प्रत्यक्ष नियंत्रण में रहती हैं और जिन्हें विभिन्न उद्देश्यों के लिए लीज पर दिया जाता है. समय-समय पर इन भूमि की स्थिति की समीक्षा और रिकॉर्ड का अद्यतन आवश्यक होता है. हजारीबाग में शुरू होने वाला यह सर्वेक्षण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. इस अभियान के बाद जिले में खास महाल भूमि की वास्तविक स्थिति का विस्तृत डेटाबेस तैयार होगा, जिससे भूमि प्रबंधन, राजस्व प्रशासन और अतिक्रमण नियंत्रण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा.
