Ranchi: गर्मी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए रांची नगर निगम पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. शहरवासियों को स्वच्छ, सुचारु और निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निगम द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में जलापूर्ति शाखा के अधिकारियों और कर्मियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूरे शहर की जल व्यवस्था का जायजा लिया गया.
काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
बैठक में विभिन्न वार्डों से आ रही जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं, वितरण प्रणाली और संसाधनों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई. उप नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया, कि पानी से जुड़ी किसी भी शिकायत का त्वरित समाधान किया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि काम में लापरवाही या ढिलाई बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
जलापूर्ति को मजबूत करने के लिए दिए गए निर्देश
जलापूर्ति को मजबूत करने के लिए नगर निगम ने कई अहम निर्देश दिए हैं. शहर में बढ़ती पानी की मांग को देखते हुए सभी 65 टैंकरों को पूरी तरह सक्रिय रखने और बीट प्लान के अनुसार जल वितरण करने को कहा गया है. टैंकरों में केवल सतही जल स्रोतों से ही पानी भरने का निर्देश दिया गया है, जबकि भू-जल के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाई गई है. साथ ही ड्राई जोन वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टैंकर रिजर्व रखने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है.
नियमित रोस्टर के तहत किया जा रहा जल वितरण
निगम के अनुसार, वर्तमान में शहर के 300 से अधिक स्थानों पर नियमित रोस्टर के तहत जल वितरण किया जा रहा है. जहां मिनी एचवाईडीटी खराब हैं, वहां टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति कर लोगों को राहत दी जा रही है. हरमू विद्यानगर, यमुना नगर, सवर्ण जयंती नगर, मधुकम, साईं विहार कॉलोनी, जगन्नाथपुर, भरमटोली, पथलकुदुआ और हिंदपीढ़ी जैसे क्षेत्रों में विशेष रूप से जलापूर्ति को सुचारु रखा जा रहा है.
निगम की टीमों द्वारा जलापूर्ति से जुड़े उपकरणों की मरम्मत का काम भी तेजी से किया जा रहा है. अप्रैल माह में अब तक 113 मिनी एचवाईडीटी, 12 एचवाईडीटी, 215 चापानल और 58 वाटर लीकेज को ठीक किया जा चुका है. उप नगर आयुक्त ने निर्देश दिया है कि किसी भी शिकायत को 24 घंटे के भीतर हर हाल में दूर किया जाए.
जल संसाधनों के दुरुपयोग को नहीं किया जाएगा बर्दाश्त
इसके अलावा, अवैध जल कनेक्शन, अवैध बोरिंग और गैरकानूनी वाटर बॉटलिंग प्लांट पर सख्त कार्रवाई के लिए धावा दल को सक्रिय कर दिया गया है. निगम ने साफ किया है कि जल संसाधनों के दुरुपयोग को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
नगर निगम ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है. लोगों से कहा गया है कि वे अपने घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अपनाएं, जल संरक्षण करें और पानी की बर्बादी से बचें. साथ ही जलापूर्ति से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए निगम के टोल फ्री नंबर 18005701235 पर संपर्क करने की सुविधा दी गई है, ताकि शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जा सके.
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