Ranchi: झारखंड उलगुलान मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष रवि पीटर ने राज्यसभा चुनाव से अपना नाम वापस लेने की घोषणा कर दी है. रविवार को रांची के एक निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने इसकी आधिकारिक जानकारी दी. मीडिया से बातचीत करते हुए रवि पीटर ने कहा कि उनकी प्राथमिक इच्छा थी कि झारखंड से किसी राजनीतिक दल द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए किसी आदिवासी या दलित चेहरे को उम्मीदवार बनाया जाए. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा बैद्यनाथ राम को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद उन्होंने चुनावी मैदान से हटने का निर्णय लिया. रवि पीटर ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ से अधिक सामाजिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना था. उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्यसभा में दलित और आदिवासी समाज की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा.

परिमल नाथवानी की सराहना
प्रेस वार्ता के दौरान रवि पीटर ने पूर्व राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी के कार्यकाल की भी खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि परिमल नाथवानी ऐसे राज्यसभा सांसद रहे हैं जिन्होंने विकास के क्षेत्र में झारखंड में कई उल्लेखनीय कार्य किए और राज्य के लिए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया. रवि पीटर के चुनाव से हटने और परिमल नाथवानी की प्रशंसा किए जाने के बाद झारखंड की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम मान रहे हैं. माना जा रहा है कि इस फैसले का चुनावी समीकरणों पर असर पड़ सकता है और आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं.
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