Hazaribagh: जिले के इचाक प्रखंड के सीमावर्ती एवं दारू थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले तियूज टोला चोरिया गांव में इन दिनों जमीन से जुड़ा एक मामला बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है. जमीन के एक बड़े हिस्से पर कथित अवैध कब्जे को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब स्थानीय स्तर पर भारी तनाव का कारण बन गया है.

ग्रामीणों के भीतर पनप रहा असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है, जिससे पूरे क्षेत्र के रैयतों में असुरक्षा की भावना देखी जा रही है. स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि कुछ लोग बाहरी भू-व्यवसायियों के साथ मिलकर उनकी दर्जनों एकड़ पुश्तैनी और रैयती जमीन को जबरन प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि जब भी वे इस प्रक्रिया का शांतिपूर्ण विरोध करते हैं, तो उन्हें तीखी बहस, धमकियों और विवाद का सामना करना पड़ता है.
JCP से की गई घेराबंदी का विरोध
इस पूरे मामले की मुख्य वजह गांव के कई खातों और प्लॉटों से जुड़ी बताई जा रही है. ग्रामीणों के अनुसार, कुछ दिनों पहले दूसरे पक्ष द्वारा विवादित भूमि पर जेसीबी चलवाकर कंटीले तारों से घेराबंदी कर दी गई थी.
इस एकतरफा कार्रवाई के बाद से ही वार्ड संख्या 1 और वार्ड संख्या 2 के निवासियों के बीच भारी नाराजगी देखी जा रही थी. पीड़ित रैयतों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में अंचल अधिकारी, दारू थाना और अनुमंडल पदाधिकारी को काफी पहले ही लिखित आवेदन देकर पूरे मामले से अवगत कराया था.
लेकिन स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे ग्रामीणों में यह धारणा बन रही है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है.
बढ़ी दोनों पक्षों के बीच तल्खी
लंबे समय से प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिरकार रविवार सुबह टूट गया. बड़ी संख्या में एकजुट हुए ग्रामीणों ने विवादित भूखंड पर की गई बैरिकेडिंग और कंटीले तारों के घेराव को मौके से पूरी तरह हटा दिया.
इस घटनाक्रम के बाद दोनों पक्षों के बीच तल्खी और अधिक बढ़ गई है. गांव का माहौल वर्तमान में इतना संवेदनशील हो चुका है कि यदि समय रहते वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है.
