West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होने जा रही है, जिसमें कुल 152 सीटों पर मतदान होगा. यह सीटें राज्य के 16 जिलों में फैली हुई हैं. मतदान से पहले इन जिलों को लेकर चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. इसके तहत राज्य में 16 जिलों में से 7 जिलों को सुरक्षा की दृष्टि से सबसे संवेदनशील माना गया है. इनमें मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, कूच बिहार, बीरभूम, पश्चिम मिदनापुर और पश्चिम बर्दवान शामिल हैं. इन जिलों में पिछले 15 वर्षों के चुनावी हिंसा के रिकॉर्ड और संवेदनशील बूथों के आधार पर निगरानी बढ़ा दी गई है.
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सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
हालात के गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने इन क्षेत्रों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती का आदेश दिया है. इसके साथ ही क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को भी सक्रिय किया गया है, ताकि किसी भी तरह की हिंसा या गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके. कुल मिलाकर पहले चरण की वोटिंग के लिए 2,193 QRT तैनात किए गए हैं.
दो स्तर की जांच व्यवस्था लागू की गई
बता दें कि सबसे ज्यादा 219 QRT मुर्शिदाबाद में तैनात किए गए हैं, जिसे पिछले कई चुनावों में हिंसा प्रभावित जिला माना जाता रहा है. यहां केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों को जिम्मेदारी दी गई है. मतदान केंद्रों पर सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए दो स्तर की जांच व्यवस्था लागू की गई है. पहले चरण में CAPF के जवान मतदाताओं की जांच करेंगे और फिर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा दूसरी जांच की जाएगी, उसके बाद ही मतदाता मतदान कर सकेंगे.

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चुनाव आयोग की चेतावनी : लापरवाही बर्दाश्त नहीं
चुनाव आयोग ने पुलिस अधिकारियों को भी सख्त चेतावनी दी है कि ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसा करने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है. कुल मिलाकर, आयोग इस बार मतदान को पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए सख्त निगरानी में चुनाव करा रहा है.
