RANCHI: झारखंड के चतरा जिले की मगध-आम्रपाली कोल परियोजना से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में आरोपी अमित अग्रवाल उर्फ सोनू अग्रवाल, सुदेश केडिया और अजय कुमार सिंह ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा संपत्तियां अटैच किए जाने के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें रिलीज करने की मांग की है.
मामले की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय और जस्टिस प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ में हुई. अदालत ने अगली सुनवाई तक NIA को निर्देश दिया है कि वह कुर्क की गई संपत्तियों के आधार स्पष्ट करे. कोर्ट ने यह भी पूछा है कि क्या अटैच की गई संपत्तियां अवैध तरीके से अर्जित की गई हैं. इस मुद्दे पर अगली सुनवाई में विस्तृत बहस होगी.
कुल पांच याचिकाएं दाखिल
गौरतलब है कि अमित अग्रवाल उर्फ सोनू अग्रवाल, सुदेश केडिया और अजय कुमार सिंह ने कुल पांच याचिकाएं दाखिल की हैं. इनमें अमित अग्रवाल की दो, अजय कुमार सिंह की दो और सुदेश केडिया की एक याचिका शामिल है. याचिकाओं में चल और अचल संपत्तियों के हस्तांतरण तथा आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत करते हुए उन्हें वैध बताया गया है.
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इस मामले में वे स्वयं पीड़ित हैं, लेकिन NIA ने उन्हें आरोपित बना दिया है. उनका आरोप है कि आम्रपाली कोल परियोजना में काम करने के दौरान उनसे उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) द्वारा रंगदारी वसूली जाती थी और विरोध करने पर जान का खतरा रहता था. ऐसे में उनका टेरर फंडिंग से कोई संबंध नहीं है.
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