Lohardaga: जिले के उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने मंगलवार को श्रम, नियोजन एवं कौशल विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं का लाभ जिले के प्रत्येक मजदूर तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है जब अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण किया जाए और योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए.

श्रम विभाग की योजनाओं की समीक्षा और निर्देश
बैठक में सबसे पहले श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि असंगठित क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों का शत-प्रतिशत निबंधन कराया जाए, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें. उन्होंने विशेष रूप से श्रमाधान पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया.
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर विस्तृत चर्चा
समीक्षा के दौरान झारखण्ड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे मृत्यु/दुर्घटना सहायता योजना, अंत्येष्टि सहायता योजना, मातृत्व प्रसुविधा योजना और कौशल उन्नयन योजना पर विस्तार से चर्चा की गई. उपायुक्त ने कहा कि इन योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभुकों तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण योजनाओं की समीक्षा
इसके अलावा झारखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत संचालित योजनाओं की भी गहन समीक्षा की गई. इनमें सेफ्टी किट योजना, श्रमिक औजार सहायता योजना, मेधावी छात्रवृत्ति योजना, चिकित्सा सहायता एवं प्रतिपूर्ति योजना, मातृत्व लाभ, पेंशन योजनाएं, पारिवारिक पेंशन, अनाथ पेंशन तथा विवाह सहायता योजना शामिल हैं. उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन योजनाओं के बारे में मजदूरों को जागरूक किया जाए और पात्र लाभुकों को समय पर लाभ उपलब्ध कराया जाए.
प्रवासी मजदूरों के पंजीकरण पर विशेष जोर
बैठक में प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर भी विशेष ध्यान दिया गया. उपायुक्त ने कहा कि अधिक से अधिक प्रवासी श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में उन्हें त्वरित सहायता प्रदान की जा सके. उन्होंने इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी.
कौशल विकास और नियोजन पर जोर
समीक्षा बैठक में कौशल विकास एवं नियोजन से जुड़े पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई. उपायुक्त ने जिले में संचालित मेगा स्किल सेंटर, सक्षम झारखण्ड कौशल विकास योजना तथा बिरसा योजना के तहत चल रहे प्रशिक्षण केंद्रों की स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने पूछा कि किन-किन ट्रेडों में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और प्रशिक्षण के बाद रोजगार की क्या स्थिति है.
रोजगार सृजन और प्रशिक्षण को बाजार मांग से जोड़ने के निर्देश
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बाजार की मांग के अनुरूप बनाया जाए, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार प्राप्त करने में आसानी हो. उन्होंने जिला नियोजन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि नियोजन कार्यालय में नियमित रूप से रोजगार मेलों का आयोजन किया जाए और अधिक से अधिक युवक-युवतियों का निबंधन कराया जाए.
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन और कौशल विकास के माध्यम से ही जिले के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है.
बैठक में अधिकारियों की उपस्थिति और अंतिम निर्देश
बैठक में श्रम अधीक्षक आंद्रेयास कुल्लू, जिला नियोजन पदाधिकारी नीरू कुमारी सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित थे. उपायुक्त ने अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करें, ताकि सरकार की मंशा के अनुरूप आम लोगों को लाभ मिल सके.
