SAURAV SINGH
Ranchi: झारखंड के कोयला क्षेत्र में सात संगठित आपराधिक गिरोह सक्रिय हैं. इन आपराधिक गिरोहों का मुख्य काम कोयला व्यापारियों से लेवी वसूलना है. इन आपराधिक गिरोहों द्वारा अपना बर्चस्व कायम रखने के लिए हमेशा गोलीबारी और कोयला ट्रांसपोर्टिंग में लगे हाइवा में आगजनी की जाती है. इसमें ट्रांसपोर्टरों सहित कोयले के व्यापार से जुड़े लोगों को निशाना बनाया जाता है. इससे मुख्य रूप से कोयला कंपनियों का व्यापार प्रभावित होता है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे में सवाल उठता क्या बिना रंगदारी दिए कोयला का उठाव संभव है.
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कोयले की सड़क और रेलमार्ग से ढुलाई प्रभावित होती है
कोयला क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक गिरोहों में राहुल दुबे गिरोह, राहुल सिंह, अमन तिवारी, विकास तिवारी, सुजीत सिन्हा, अमन श्रीवास्तव और प्रिंस खान गिरोह का नाम शामिल है. इन आपराधिक गिरोहों द्वारा कोयला कोराबारियों को निशाना बनाकर गोलीबारी की जाती रही है. इन संगठित गिरोह के सदस्यों द्वारा कभी-कभी बिना वजह ही सिर्फ क्षेत्र में दहशत फैलाने के लिए गोलीबारी की जाती है और कोयला ट्रांसपोर्टिंग में हाइवा को आग के हवाले कर दिया जाता. कोयले के व्यापार में लगे लोगों को आपराधिक गिरोहों से समझौता नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती है.इन आपराधिक गिरोहों द्वारा अब तक कोयले के व्यापार से जुड़े कई लोगों की हत्या भी की जा चुकी है. अपराधियों द्वारा गोलीबारी और जान से मारने की धमकी के बाद कई दिनों तक कोयले की सड़क और रेलमार्ग से ढुलाई प्रभावित होती है. इसका खामियाजा कोयला कंपनियों को उठाना पड़ता है. आपराधिक गतिविधियों से कोयला कंपनियों द्वारा कोयला भेजने का लक्ष्य पूरा नहीं होता है और उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ता है.

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अपराधियों निशाने पर रेलवे साइडिंग
कोयला क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक गिरोह अपना निशाना बदलते रहते हैं. अब रेलवे साइडिंग उनके निशाने पर है. आपराधिक गिरोह के सदस्यों द्वारा रेलवे साइडिंग पर हमेशा गोलीबारी की जाती है. इसके उद्देश्य रेलवे साइडिंग तक कोयले की ढुलाई में लगे व्यापारियों से लेवी की रकम वसूलना होता है. इस स्थिति से निपटने के लिए कोयला कंपनियां पुलिस पर निर्भर होती हैं. हालांकि पुलिस इन परिस्थितियों से निपटने में असफल साबित होती दिखती है.
कोयला क्षेत्र में लेवी वसूलने के लिए हुई आपराधिक घटनाएं
– 22 अप्रैल 2026: हजारीबाग के बड़कागांव थाना क्षेत्र के 13 माईल के पास हथियारबंद अपराधियों ने कोयला ढुलाई में लगे एक खाली हाइवा को आग के हवाले कर दिया.
– 20 अप्रैल 2026: हजारीबाग के चट्टी बरियातू क्षेत्र में हाइवा में आगजनी करने और घटना स्थल पर गोलीबारी करने की जिम्मेदारी राहुल दुबे गैंग ने लिया है. राहुल दुबे गैंग का एक पत्र सामने आया था, इसी पत्र में उसने इस आपराधिक मामले की जिम्मेदारी ली थी.
– 09 अप्रैल 2026: चतरा के पिपरवार क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर ट्रक मालिक को घायल कर दिया था.
– 12 फरवरी 2026: रामगढ़ के पतरातू थाना क्षेत्र में अपराधियों ने कोयला कारोबारी गजानंद प्रसाद और नीतीश कुमार के घरों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी.
– 30 जनवरी 2026: चतरा के राजधर साइडिंग में जेसीबी पर अपराधियों ने फायरिंग किया और उसमें आग लगाने की कोशिश की.
– 25 जनवरी 2026: चतरा के आम्रपाली कोयला परियोजना में नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा संचालित कोयला खनन कार्य में लगे एक वाहन को अज्ञात अपराधियों ने आग के हवाले कर दिया.
– 10 जनवरी 2026: धनबाद में अपराधी प्रिंस खान के खासमखास मेजर ने शहर के एक कोयला कारोबारी के पुत्र को मैसेज व आडियो रिकॉर्ड भेजकर एक करोड़ रुपये और हर महीने पांच लाख रुपये रंगदारी की मांग की.
– 05 जनवरी 2026: रामगढ़ जिले में कोयला व्यवसायी डब्बू सिंह का नयामोड़, कुजू स्थित आवास पर अपराधियों ने गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया था.
– 23 अगस्त 2025: हजारीबाग के चरही थाना क्षेत्र में टीपीसी उग्रवादियों ने सीसीएल की तापीन नॉर्थ परियोजना पर हमला किया था. आरकेएस कंपनी के छह वाहनों में आग लगा दी और ऑपरेटर के साथ मारपीट किया था.
– 18 अगस्त 2025: चतरा पिपरवार थाना क्षेत्र के राजधर रेलवे साइडिंग के पास ट्रांसपोर्टिंग सड़क पर खड़े एक हाइवा पर दो हथियारबंद नकाबपोश अपराधियों ने दिनदहाड़े फायरिंग की थी.
