Ranchi: राजधानी के समाहरणालय स्थित ‘बी’ ब्लॉक में गुरुवार को स्कूली बसों और छोटे वाहनों, विशेषकर स्कूल वैनों के संचालन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया, जिसमें संगठन के अध्यक्ष अजय राय ने अभिभावकों की ओर से कई अहम सुझाव और गंभीर चिंताएं रखीं. बैठक में एसोसिएशन की ओर से संजय श्रॉफ, संजीव दत्ता, गौरीशंकर कुमार और राहुल कुमार राय भी मौजूद रहे. अजय राय ने कहा कि जहां स्कूली बसों पर कुछ हद तक निगरानी होती है, वहीं स्कूल वैनों में नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है. बिना फिटनेस, बिना परमिट, ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के साथ बच्चों को ढोया जा रहा है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है.
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बसों और वैनों का नियमित फिटनेस जांच करायी जाए
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि स्कूल वैनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर बिना फिटनेस, बिना परमिट और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने वाले वाहनों पर तत्काल कार्रवाई की जाए. साथ ही सभी बसों और वैनों का नियमित फिटनेस जांच करायी जाए. एसोसिएशन ने मांग की कि सभी चालकों और सहायकों का पुलिस सत्यापन कराया जाए तथा उनके व्यवहार और प्रशिक्षण की समय-समय पर समीक्षा हो. इसके अलावा हर वाहन में सीसीटीवी, जीपीएस, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड किट और स्पीड गवर्नर जैसी सुविधाएं अनिवार्य की जाए.
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स्कूली वाहन में एक जिम्मेदार स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए
संगठन ने यह भी कहा कि हर स्कूली वाहन में एक जिम्मेदार स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा जिला और स्कूल स्तर पर हेल्पलाइन व शिकायत तंत्र विकसित किया जाए, ताकि अभिभावक तत्काल शिकायत दर्ज करा सके. झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने प्रशासन की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यदि स्कूल वैनों पर विशेष फोकस के साथ सख्ती से नियम लागू किए गए तो बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार संभव होगा.
