Ranchi: ओबीसी आरक्षण सहित विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के मामले में आजसू पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं. गुरुवार को रांची सिविल कोर्ट स्थित एमपी/एमएलए मामलों के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा की अदालत ने आजसू प्रमुख सुदेश महतो और गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी सहित पांच प्रमुख नेताओं के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं.
कोर्ट ने जिन पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का आधार पाया है, उनमें सुदेश महतो, चंद्र प्रकाश चौधरी, रामचंद्र सहिस, देवशरण भगत और शिवपूजन कुशवाहा शामिल हैं.
नियमों का उल्लंघन करने का आरोप
दरअसल, आजसू कार्यकर्ताओं ने ओबीसी आरक्षण में वृद्धि की मांग को लेकर मोरहाबादी मैदान में एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया था. इसके बाद प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़े थे. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी. घटना के बाद ओरामांझी के तत्कालीन सीओ विजय केरकेट्टा ने लालपुर थाना में कांड संख्या 201/2021 दर्ज कराई थी. प्राथमिकी में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नेताओं पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की करने और कोविड व सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था. आरोप तय होने के साथ ही अब इस मामले में नियमित सुनवाई और गवाही की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. 22 मई को अभियोजन पक्ष अपने शुरुआती गवाहों को अदालत में पेश कर सकता है.
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