भीषण गर्मी के बीच चतरा पर मंडरा रहा बिजली संकट का खतरा, उपभोक्ता रहें सतर्क !

सूर्यकांत कमल CHATRA: प्रचंड गर्मी और बढ़ती ऊर्जा खपत के बीच जिले में बिजली संकट गहराता जा रहा है. हालात ऐसे बनते...

सूर्यकांत कमल

CHATRA: प्रचंड गर्मी और बढ़ती ऊर्जा खपत के बीच जिले में बिजली संकट गहराता जा रहा है. हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि यदि समय रहते उपभोक्ता नहीं संभले, तो आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर विद्युत संकट और ब्लैकआउट जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है.चतरा ग्रिड के फेल होने और सीमित आपूर्ति के कारण पहले से ही बिजली विभाग चुनौतियों से जूझ रहा है. इसके कर्मी और अधिकारी लगातार दबाव में काम कर रहे हैं.

बढ़ती गर्मी ने बढ़ाई बिजली की खपत
दरअसल, जिले में इन दिनों भीषण गर्मी के चलते लोगों का घरों में रहना मजबूरी बन गया है. ऐसे में एयर कंडीशनर, कूलर और इंडक्शन जैसे भारी-भरकम उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ा है.
दूसरी ओर, गैस की किल्लत और कालाबाजारी की समस्या ने इंडक्शन चूल्हों की मांग को अप्रत्याशित रूप से बढ़ा दिया है. स्थिति यह है कि लगभग हर घर में अब गैस के बजाय इंडक्शन का उपयोग हो रहा है, जिससे बिजली की खपत में अचानक भारी उछाल आया है.

मांग और आपूर्ति में भारी अंतर
जानकारी के अनुसार, चतरा जिले को प्रतिदिन लगभग 90 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होती है, जबकि वर्तमान में केवल 40 से 50 मेगावाट की ही आपूर्ति हो पा रही है.इस भारी अंतर के कारण बिजली कटौती का समय भी बढ़ गया है. पहले जहां 2 से 3 घंटे की कटौती होती थी, वहीं अब यह बढ़कर 6 से 7 घंटे तक पहुंच गई है. ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति तो और भी भयावह बनी हुई है.

रोटेशन सिस्टम से आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश
इस संबंध में विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल के सहायक अभियंता सत्यदेव कुमार ने बताया कि सीमित आपूर्ति के बावजूद रोटेशन सिस्टम के तहत सभी प्रखंडों के 16 सबस्टेशन के माध्यम से बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक बिजली की खपत सबसे अधिक होती है, जिससे ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है.

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी अपील
सहायक अभियंता ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा है कि इस समय एयर कंडीशनर को 24 से 26 डिग्री पर चलाएं और भारी उपकरणों का उपयोग एक साथ न करें.उन्होंने कहा कि यदि उपभोक्ता थोड़ी सतर्कता बरतें और लोड मैनेजमेंट करें, तो बड़े संकट से बचा जा सकता है.

ट्रांसफार्मर और केबल पर बढ़ता दबाव
अत्यधिक लोड के कारण ट्रांसफार्मर जलने, केबल खराब होने और लो वोल्टेज व फ्लक्चुएशन जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं.उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो ब्लैकआउट जैसी गंभीर परिस्थिति का सामना करना पड़ सकता है.

ग्रिड फेल होने की स्थिति और बहाली
एसडीओ ने बताया कि हाल ही में अत्यधिक लोड के कारण ग्रिड फेल होने की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिसे विभागीय टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब एक घंटे के भीतर बहाल कर लिया. न्होंने कहा कि वर्तमान में सीमित संसाधनों और बढ़ती खपत के बीच आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित रखना बड़ी चुनौती बन गई है.

स्ट्रीट लाइट बंद करने की अपील
एसडीओ ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा है कि नगर परिषद द्वारा लगाए गए स्ट्रीट लाइट और हैलोजन का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करें.उन्होंने कहा कि सुबह होते ही इन लाइटों को हर हाल में बंद कर दें, ताकि अनावश्यक बिजली की बर्बादी रोकी जा सके.

लापरवाही से बढ़ रही समस्या
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि आम लोगों की लापरवाही के कारण शहर के कई इलाकों में सैकड़ों हैलोजन लाइट दिनभर जलती रहती हैं. इससे बिजली की खपत बेवजह बढ़ती है और पहले से दबाव झेल रही आपूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है.उन्होंने कहा कि यदि लोग थोड़ी जागरूकता दिखाएं और समय पर स्ट्रीट लाइट बंद करें, तो इससे न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि पूरे शहर को संभावित बिजली संकट से बचाने में भी मदद मिलेगी.

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