Ranchi: अभियंताओं की प्रोन्नति से जुड़े मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है. झारखंड डिप्लोमा इंजीनियरिंग संघ के सत्य मोहन घोष और श्यामदास सिंह की याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए.
किन पदों तक मिल सकती है प्रोन्नति
न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति दीपक रोशन की खंडपीठ ने कहा कि क्लास वन इंजीनियरिंग 1939 नियम के तहत पॉलिटेक्निक कॉलेज से डिप्लोमा धारक अभियंता कनीय अभियंता से सहायक अभियंता तक प्रोन्नति पा सकते हैं.
ऊंचे पदों पर प्रोन्नति पर रोक
अदालत ने स्पष्ट किया कि पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारकों को कार्यपालक अभियंता, अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता जैसे उच्च पदों पर प्रोन्नति नहीं दी जा सकती.
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इंजीनियरिंग डिग्री अनिवार्य
कोर्ट ने कहा कि इन उच्च पदों के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज से डिग्री होना अनिवार्य है. यह शर्त केवल औपचारिक नहीं, बल्कि दक्षता, क्षमता और तकनीकी कौशल से जुड़ी है, जो विकास कार्यों और संरचनाओं के नियोजन के लिए जरूरी है.
पक्षकारों की दलील
मामले में डिग्री संघ की ओर से अधिवक्ता कृष्ण मुरारी ने पक्ष रखा. अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद याचिका खारिज कर दी.
