Latehar: सीसीएल की तेतरियाखाड़ परियोजना कार्यालय ने एक महत्वपूर्ण सूचना जारी कर कोयला स्टॉक के तत्काल डिस्पैच और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. परियोजना पदाधिकारी की ओर से जारी इस नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि कोयला स्टॉक के निष्पादन में बाधा डालने वाले व्यक्तियों या समूहों के खिलाफ न केवल कानूनी कार्रवाई होगी, बल्कि उनसे भारी आर्थिक हर्जाना भी वसूला जाएगा, साथ ही SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाएगा.
वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोयले का स्टॉक बढ़ गया है तो कोयले का उत्पादन फिलहाल रोक देना चाहिए, इसके अलावा कोयले के ढेर में लगी आग को बुझाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं नहीं उठाया जा रहा है. कुछ दिन पहले कोयले में लगी को बुझाने के दौरान एक कर्मी झुलस गया था.
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एक कंपनी से जुड़े व्यक्ति ने कहा- नेताओं ने निजी स्वार्थ के लिए जनता को किया गुमराह
तेतरियाखांड खदान में चल रहे गतिरोध पर एक कंपनी के जुड़े व्यक्ति ने स्थानीय नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए ग्रामीणों और ट्रक मालिकों को भड़का रहे हैं, जिससे न केवल क्षेत्र का विकास रुक रहा है बल्कि आम जनता की रोजी-रोटी पर भी संकट मंडरा रहा है.
इतना ही नहीं कंपनी से जुड़े व्यक्ति ने राजनेता की तरह महिलाओं को हर महीने दस हजार रुपया देने की बात भी कही थी. बताया जा रहा है कि ग्रामीणों के द्वारा सीसीएल और कंपनी के गलत नीति के खिलाफ कई बार अपनी आवाज उठा चुके है और सम्बंधित प्राधिकार से शिकायत किए है.
