SAURAV SINGH
Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में पिछले कुछ दिनों में हुई आपराधिक घटनाओं ने शहर की विधि-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए, साथ ही राजनीतिक गलियारों में भी इसे राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की विफलता बताकर तूल देने की कोशिश की गई. हालांकि, रांची पुलिस ने इन चुनौतियों का डटकर सामना किया. कुछ घटनाओं के बाद जहां विपक्ष हमलावर था, वहीं पुलिस की स्पेशल टीमों ने तकनीकी सेल की मदद से सक्रियता दिखाई. पुलिस की मुस्तैदी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई संगीन मामलों में महज 12 घंटे के भीतर न केवल अपराधियों की पहचान की गई, बल्कि उन्हें गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भी भेज दिया गया. चाहे वो जगन्नाथपुर मंदिर के गार्ड की हत्या हो या जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की हत्या, या फिर मोरहाबादी से ज्वेलरी दुकान में लूटकांड की घटना हो.
अक्सर कुछ ऐसी घटनाएं होती हैं जो समाज में सनसनी फैला देती हैं
अक्सर कुछ ऐसी घटनाएं होती हैं जो समाज में सनसनी फैला देती हैं, जिससे ऐसा लोगों को लगने लगता है कि शहर में अपराध का ग्राफ अचानक बढ़ गया है, विशेषज्ञों का मानना है कि जब राजधानी में कोई वारदात होती है, तो उसका प्रभाव पूरे राज्य की छवि पर पड़ता है. लेकिन पुलिस ने 12 घंटे के अंदर चर्चित घटनाओं में शामिल अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि कानून का हाथ उनसे लंबा है. घटनाओं का त्वरित खुलासा होने से उन राजनीतिक चर्चाओं पर भी विराम लगा है, जो विधि-व्यवस्था को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही थीं.
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मोरहाबादी में प्रीति ज्वेलरी में लूट का 10 घंटे में खुलासा, हथियार के साथ तीन गिरफ्तार
झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित हरिहर सिंह रोड की प्रीति ज्वेलरी दुकान में हुई लूट की घटना का पुलिस ने महज 10 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया था. एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इस वारदात में शामिल तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया. जानकारी के अनुसार सात अप्रैल शाम करीब 6:35 बजे एक बाइक पर सवार तीन अपराधी दुकान में घुसे. अंदर प्रवेश करते ही उन्होंने हथियार निकालकर दुकान के कर्मचारियों को डराया-धमकाया और लूटपाट शुरू कर दी. अचानक हुई इस घटना से दुकान में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारी सहम गए.
अपराधियों ने दुकान से करीब एक किलो चांदी के जेवरात और गल्ले में रखे लगभग दस हजार रुपये नकद लूट लिए थे. हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण लूटे गए अधिकांश चांदी के जेवरात को बरामद कर लिया गया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से हथियार भी जब्त किया है, जिसका इस्तेमाल घटना को अंजाम देने में किया गया था.
जमीन कारोबारी भार्गव सिंह हत्या का करने वाला अपराधी घंटेभर में हुआ गिरफ्तार
रांची के पंडरा में जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की हत्या बीते 22 अप्रैल को हत्या कर दी गई थी. मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घंटे भर के अंदर घटना के मास्टमाइंड विजय टेटे को गिरफ्तार कर लिया. उससे पूछताछ के दौरान सत्यम पाठक नाम के अपराधी का नाम गोली मारने में सामने आया. जिसके बाद पुलिस ने उसे बक्सर भागने से पहले पकड़ा. पूछताछ में सत्यम ने बताया कि भार्गव की हत्या के बाद उसने हथियार कांके डैम साइड में छुपाकर रखे हैं. इसके बाद पुलिस की टीम उसे लेकर कांके डैम पहुंची, इस दौरान वो दरोगा को पटक कर उसका हथियार छीन कर फायरिंग करने लगा. इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की जिसमें उसके पैर में गोली लगा था.
जगन्नाथ मंदिर गार्ड मर्डर केस में शामिल सभी अपराधी दस घंटे के अंदर हुआ गिरफ्तार
रांची के जगन्नाथपुर मंदिर में तैनात सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा की 23 अप्रैल की रात हत्या कर दी गई थी. रांची पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए घटना के दस घंटे के अंदर तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी मंदिर के पास की बस्ती के रहने वाले हैं. चोरी के दौरान गार्ड बिरसा मुंडा ने उन्हें पहचान लिया था. अपनी पहचान छिपाने और पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपियों ने पत्थर से हमला कर उनकी हत्या कर दी और फरार हो गए. पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी देव कुमार उर्फ रचित कुमार पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि विकास महली का भी आपराधिक इतिहास रहा है.
