रांची: प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीपीसी (TSPC) के सदस्य प्रमोद गंझू की जमानत याचिका झारखंड हाई कोर्ट ने खारिज कर दी है. झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश रंगन मुखोपाध्याय और न्यायाधीश प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रमोद गंझू को राहत देने से इनकार कर दिया.
NIA ने पेश की कड़ी दलील
जमानत का विरोध करते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कोर्ट में मजबूत पक्ष रखा. एजेंसी ने बताया कि प्रमोद गंझू प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीपीसी से जुड़ा हुआ है और उस पर लेवी वसूली, दहशत फैलाने सहित कई गंभीर आरोप दर्ज हैं.
Also Read: DVC लाइन ट्रिप होने से BSL में बिजली संकट, कई यूनिटों का उत्पादन प्रभावित
तेतरिया गोलीकांड में भूमिका का आरोप
NIA ने यह भी बताया कि तेतरिया गोलीकांड में प्रमोद गंझू की अहम भूमिका रही थी. इस मामले में बालूमाथ थाना में कांड संख्या 234/20 दर्ज है.
अमन साहू गैंग से कनेक्शन का दावा
जांच एजेंसी के अनुसार प्रमोद गंझू का संबंध मृत गैंगस्टर अमन साहू से भी रहा है. शुरुआती दौर में वह अमन साहू गैंग के लिए काम करता था और कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा, जिनमें व्यापारियों को निशाना बनाया गया था. फिलहाल इस पूरे मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा की जा रही है.
