पानी-बिजली संकट पर झारखंड में सियासी घमासान, भाजपा करेगी जिलावार आंदोलन

RANCHI: झारखंड में गहराते पानी संकट और लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. विपक्षी दल भाजपा...

RANCHI: झारखंड में गहराते पानी संकट और लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. विपक्षी दल भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोलते हुए 6 मई से 12 मई तक राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन करने की घोषणा की है. पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन जनता की पीड़ा को आवाज देने के लिए किया जा रहा है.

भाजपा का राज्यव्यापी आंदोलन कार्यक्रम

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने रांची में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि इस बार आंदोलन को प्रतीकात्मक और जनसरोकार से जोड़कर किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हर जिले में भाजपा कार्यकर्ता सिर पर घड़ा, डेकची और अन्य बर्तन लेकर सड़कों पर उतरेंगे, ताकि यह दिखाया जा सके कि आज भी झारखंड की जनता पानी के लिए किस तरह संघर्ष कर रही है.

जिलावार आंदोलन की रूपरेखा

इस आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा भी जारी की गई है. 6 मई को गढ़वा, पलामू और लातेहार से इसकी शुरुआत होगी. इसके बाद 7 मई को चाईबासा, जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां, 8 मई को हजारीबाग, चतरा, कोडरमा और रामगढ़, 9 मई को दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, देवघर और जामताड़ा, 11 मई को गिरिडीह, धनबाद और बोकारो तथा 12 मई को रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला और खूंटी में प्रदर्शन किए जाएंगे.

सरकार पर भाजपा का तीखा हमला

प्रेसवार्ता के दौरान आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड की जनता पानी और बिजली की समस्या से त्राहिमाम कर रही है, जबकि सरकार इन मुद्दों से बेपरवाह नजर आ रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की समस्याओं को नजरअंदाज कर अन्य राज्यों में राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त है.

चापानल और नल जल योजना पर सवाल

उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्यभर में लगभग 80 हजार चापानल खराब पड़े हैं और सरकार का 72 घंटे में मरम्मत का दावा पूरी तरह विफल साबित हुआ है. टोल-फ्री नंबर भी आम लोगों के लिए किसी काम का नहीं है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में पानी की समस्या और गंभीर हो गई है.

नल जल योजना पर सवाल उठाते हुए साहू ने कहा कि हजारों करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद योजना जमीन पर सफल नहीं हो पाई है. कई जगहों पर पाइपलाइन और नल तो लगाए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं पहुंच रहा. उन्होंने इसे भ्रष्टाचार का उदाहरण बताते हुए कहा कि आज भी राज्य के करीब 45 प्रतिशत परिवार इस योजना से वंचित हैं.

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केंद्र-राज्य वित्तीय मुद्दों पर बयान

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच वित्तीय मुद्दों पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने झारखंड को पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई, लेकिन राज्य सरकार उसका पूरा उपयोग नहीं कर पाई. इससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र पर लगाए जाने वाले भेदभाव के आरोप निराधार हैं.

आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी

अंत में उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही पानी और बिजली की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो भाजपा का यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा. उन्होंने दावा किया कि यह जनआंदोलन सरकार को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर करेगा.

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