Chakradharpur: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बंदगांव में बुधवार को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील बड़ाईक की ओर से अभिभावकों के साथ एक महत्वपूर्ण जागरूकता बैठक आयोजित की गई. बैठक का मुख्य उद्देश्य किशोरियों में होने वाले गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचाव हेतु एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण के प्रति अभिभावकों को जागरूक करना तथा उनकी सहभागिता सुनिश्चित करना था.

एचपीवी संक्रमण और टीकाकरण के महत्व पर दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपस्थित अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण, उससे होने वाली बीमारियों तथा टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी. बताया गया कि एचपीवी वायरस महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का प्रमुख कारण बन सकता है, जिससे बचाव के लिए समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है.
बैठक में अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपनी बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए टीकाकरण कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की भ्रांतियों पर ध्यान न दें.
किशोरियों के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जरूरी है एचपीवी टीका
इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील बड़ाईक ने कहा कि एचपीवी टीका किशोरियों के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. यह भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाव में प्रभावी भूमिका निभाता है. अभिभावकों को चाहिए कि वे जागरूक बनें और अपनी बेटियों का समय पर टीकाकरण करवाकर उन्हें सुरक्षित भविष्य दें.
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक किशोरियां इसका लाभ उठा सकें.
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य, स्वास्थ्य कर्मी, शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे. बैठक के अंत में अभिभावकों की जिज्ञासाओं का समाधान भी स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा किया गया.
