Click Here
Click Here

News Wave Special : तकनीकी डिग्रियों से लैस युवा IFS अधिकारियों की एक नई फौज, जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए संभाले हुए है मोर्चा

Ranchi : झारखंड वन विभाग इस समय अपने इतिहास के एक ऐसे अनूठे दौर से गुजर रहा है, जहां एक तरफ तीन...

Ranchi : झारखंड वन विभाग इस समय अपने इतिहास के एक ऐसे अनूठे दौर से गुजर रहा है, जहां एक तरफ तीन दशकों से अधिक का प्रशासनिक अनुभव रखने वाले उम्रदराज’ और परिपक्व अधिकारी नीतिगत फैसलों को दिशा दे रहे हैं. तो वहीं दूसरी तरफ अत्याधुनिक तकनीकी डिग्रियों बीटेक व एमटेक से लैस युवा आईएफएस अधिकारियों की एक नई फौज जमीनी स्तर पर जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए मोर्चा संभाले हुए है. राज्य के कुल 78 शीर्ष वन अधिकारियों में अनुभव का वजन और युवाओं की रफ्तार दोनों साथ साथ चल रहे हैं.

1965-1970 के दशक में जन्मे थिंक टैंक

झारखंड कैडर में शीर्ष और नीति-निर्धारक पदों पर बैठे अधिकारी अपनी उम्र के अर्धशतक को पार कर चुके हैं और अगले कुछ वर्षों में सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचेंगे. ये वे अधिकारी हैं जिन्होंने अविभाजित बिहार के समय से लेकर झारखंड बनने के बाद के हर उतार-चढ़ाव को देखा है. झारखंड कैडर के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल पारितोष उपाध्याय (पीसीसीएफ, एडमिनिस्ट्रेशन) और संजीव कुमार (पीसीसीएफ हॉफ) का जन्म क्रमशः 1966 और 1967 में हुआ था. ये दोनों 1992 बैच के अधिकारी हैं और इनके पास 32 वर्षों से अधिक का लंबा प्रशासनिक अनुभव है. इसके अलावा विश्वनाथ शाह (1967), अर्तत्राण मिश्रा (1967), रवि रंजन (1968), यतीन्द्र कुमार दास (1966), और जब्बार सिंह (1967) जैसे अधिकारी भी उम्र और तजुर्बे के इसी मजबूत पड़ाव पर हैं. राज्य वन सेवा से प्रमोट होकर आईएफएस बने अधिकारियों में भी एक बड़ा वर्ग उम्रदराज है. जैसे सतीश चंद्र राय (1965), कुमार आशुतोष (1965), अशोक कुमार गुप्ता (1966) और उमेश साहनी (1965) शामिल हैं.

WhatsApp Image 2026-06-13 at 2.57.59 PM (1)

युवा जोश की नई लहर : 1990 के दशक में पैदा हुई तकनीकी ब्रिगेड

झारखंड के विभिन्न जिलों में वन प्रमंडल पदाधिकारी और संबद्ध अधिकारी के रूप में तैनात नई पीढ़ी पूरी तरह से युवा और ऊर्जावान है. इस वर्ग में शामिल अधिकांश अधिकारियों का जन्म वर्ष 1990 या उसके बाद हुआ है. झारखंड कैडर में सबसे युवा अधिकारियों में बाविस्कर प्रशांत हिम्मत (जन्म – 1998) हैं, जो 2022 बैच के अधिकारी हैं. इसके अलावा पुष्कर काले (1996), नवनीत बीआर (1995) और अंशुमन (1994) जैसे युवा अधिकारी वन विभाग की नई रीढ़ बन रहे हैं.

महिला शक्ति की युवा मौजूदगी

युवा अधिकारियों में अनुराधा मिश्रा (जन्म – 1992) का नाम भी शामिल है. जो 2023 बैच की अधिकारी हैं और वर्तमान में सारंडा वन प्रमंडल जैसे चुनौतीपूर्ण और घने वन क्षेत्र में अटैच्ड ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं.

30 से 35 वर्ष की उम्र का दबदबा

राहुल कुमार (1990), ऐधबिन बन्नर अब्राहम (1992), प्रबल गर्ग (1992), नीतीश कुमार (1991), और वाघ पवन शालिग्राम (1993) जैसे अधिकारी इस समय राज्य के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील फॉरेस्ट डिविजनों (जैसे गढ़वा, साहेबगंज, पोड़ाहट और सिमडेगा) की कमान संभाल रहे हैं.

वानिकी से इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट का सफर

अधिकारियों की शैक्षणिक योग्यता में आया बदलाव है. जहां पुराने और उम्रदराज अधिकारियों में अधिकांश के पास एमएससी या बीएससी जैसी पारंपरिक विज्ञान की डिग्रियां हैं. वहीं युवा अधिकारियों की सूची बीटेक और एमटेक जैसी उच्च तकनीकी डिग्रियों से भरी पड़ी है. अहमद बिलाल अनवर (बीटेक), राहुल मीणा (बीटेक), ऐधबिन बन्नर (बीटेक), प्रबल गर्ग (बीटेक), अंशुमन (बीटेक), नीतीश कुमार (बीटेक), शशांक शेखर सिंह (बीटेक) वाघ पवन शालिग्राम ((बीटेक), बाविस्कर प्रशांत ((बीटेक), पुष्कर काले (बीटेक), आदर्श शरण (बीटेक), अनुराधा मिश्रा ((बीटेक), मोहित कुमार बंसल ((बीटेक) और नवनीत बीआर. (बीटेक). ये सभी युवा अधिकारी तकनीकी पृष्ठभूमि से आते हैं. श्वेताभ सुमन के पास तो एमटेक (एमटेक) की डिग्री है.

प्रबंधन और पशु चिकित्सा का समन्वय

इसके अलावा मध्य स्तर के कुछ अधिकारियों जैसे राज कुमार वाजपेयी के पास एमएससी के साथ एमबीए की डिग्री है. जबकि अभिषेक कुमार और सत्यम कुमार जैसे अधिकारियों के पास पशु चिकित्सा विज्ञान की विशेषज्ञता है.

वरिष्ठों की नीति और युवाओं का क्रियान्वयन

उम्रदराज अधिकारियों के पास नीतिगत मामलों, फाइलों के निपटारे और सरकारी नियमों की गहरी समझ है. वहीं, युवाओं के पास फील्ड में दौड़ने और नई तकनीकों को तुरंत अपनाने का जज्बा है. सारंडा, कोल्हान, लातेहार और पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) जैसे दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में युवा अधिकारियों (जैसे प्राजेश कांत जेना, एविरूप सिन्हा) को फ्रंटलाइन पर रखा गया है.

 

ALSO READ : BREAKING-शालीमार बाजार से दो लापता करन अर्जुन की सूचना देने वाले को मिलेगा 50,000 रुपये का इनाम

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *