रांची: विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन HEC की जमीन का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा. विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि 1960-61 में HEC के निर्माण के समय कई रैयतों को विस्थापित किया गया था. सतरंजी, भुसूर, कुटे और नयासराय जैसे गांवों के लोग आज भी असमंजस और भय के माहौल में जी रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जहां रैयतों को जमीन दी गई, वहां दोबारा रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है. यहां तक कि विधानसभा भवन भी उन्हीं की जमीन पर बना है, लेकिन रजिस्टर टू में इसका उल्लेख नहीं है. इस पर मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा कि जांच कमेटी गठित की गई है, जो तीन महीने में रिपोर्ट देगी. दोषी पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा.

अभियंत्रण सेवा वरीयता सूची और धनबाद एयरपोर्ट पर भी हुई बहस.
सदन में सीपी सिंह ने अभियंत्रण सेवा की वरीयता सूची अब तक प्रकाशित नहीं होने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि 236 आपत्तियां आई हैं और पीड़ित कर्मचारी सूची जारी होने का इंतजार कर रहे हैं. इस पर मंत्री सुदिव्य सोनू ने बताया कि अंतर विभागीय कमेटी का गठन किया गया है और जल्द ही सूची प्रकाशित की जाएगी. वहीं विधायक अरूप चटर्जी ने धनबाद में एयरपोर्ट निर्माण का मुद्दा उठाया. मंत्री ने बताया कि फिलहाल 37 एकड़ में बनी हवाई पट्टी मौजूद है, लेकिन बड़े विमान उतरने के लिए कम से कम 113 एकड़ अतिरिक्त जमीन की जरूरत होगी. बलियापुर और तोपचांची में जमीन उपलब्ध होने का दावा किया गया, जिस पर सरकार ने उपायुक्त से रिपोर्ट लेने और एयरपोर्ट अथॉरिटी से बात करने की बात कही. हालांकि मंत्री ने यह भी कहा कि बोकारो में एयरपोर्ट निर्माण जारी है, जो धनबाद से करीब 50 किमी दूर है.

