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हजारीबाग: मजदूरी कर बच्चों को पाल रही महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिजनों ने ठेकेदार पर लगाया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का आरोप

Hazaribagh: मजदूरी के जरिए अपने पांच बच्चों का भविष्य संवारने की कोशिश कर रही 35 वर्षीय मीता देवी (बदला हुआ नाम) की...

Hazaribagh: मजदूरी के जरिए अपने पांच बच्चों का भविष्य संवारने की कोशिश कर रही 35 वर्षीय मीता देवी (बदला हुआ नाम) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. शुक्रवार को जब मृतका का शव उसके पैतृक गांव सिमराढाब पहुंचा, तो पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई. परिजनों का आरोप है कि मिता देवी के साथ ठेकेदार और उसके साथियों ने मारपीट और सामूहिक दुष्कर्म किया, जिससे उसकी जान चली गई.

घर का इकलौता सहारा थी मिता:

मृतका के भाई सोनू कुमार ने बताया कि मिता देवी अपने चार बेटियों और एक बेटे के साथ हजारीबाग में किराए पर रहकर मजदूरी करती थी. उसका पति, भुनेश्वर सिंह, गुजरात के एक प्लांट में काम करता है. घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण गीता खुद मेहनत-मजदूरी कर बच्चों की पढ़ाई और भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठा रही थी.

साजिश के तहत बुलाने का आरोप:

परिजनों द्वारा पुलिस को दिए गए बयान के अनुसार,मिता 24 अप्रैल को अपने गांव आई थी. 26 अप्रैल को मुंशी सिकंदर टुडू ने उसे फोन कर यह कहकर बुलाया कि ठेकेदार पैसा दे रहा है, आकर ले जाओ. पैसे लेने की बात सुनकर गीता उसी दिन वापस चली गई. मृतका के भाई जुगल सिंह ने रिम्स रांची में पुलिस दंडाधिकारी को दिए फर्द बयान में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि:
ठेकेदार मनोज कुमार (रामगढ़ निवासी), उसका भगिना सूरज कुमार और मुंशी सिकंदर टुडू ने मिलकर गीता के साथ मारपीट की और उसके साथ दुष्कर्म किया. हालत बिगड़ने पर आरोपियों ने ही उसे रिम्स रांची में भर्ती कराया और मुंशी ने फोन पर इसकी सूचना परिजनों को दी.

रिम्स में तोड़ा दम, गांव में मातम:

परिजनों ने बताया कि जब वे रिम्स पहुंचे, तो मिता बेहोश थी और कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थी. 30 अप्रैल को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई. रात लगभग 9 बजे जब शव सिमराढाब पहुंचा, तो मासूम बच्चे अपनी मां के शव से लिपटकर दहाड़ें मारकर रोने लगे. ग्रामीणों की आंखें भी नम थीं. हर कोई यही कह रहा था कि अब इन अनाथ बच्चों का क्या होगा, घर बर्बाद हो गया. मृतका के पति भुनेश्वर सिंह को गुजरात में सूचना दे दी गई है. उनके आने के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. भाई जुगल सिंह और सोनू कुमार ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और पीड़ित बच्चों के लिए न्याय की मांग की है. पुलिस ने बयान के आधार पर मामले की छानबीन शुरू कर दी है.

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