रांची: स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को देखते हुए रांची नगर निगम ने शहर में बड़ा अभियान चलाया. निगम के सभी वरीय अधिकारी खुद सड़कों पर उतरे और अलग-अलग इलाकों का निरीक्षण किया. नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए कुल 3,95,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया. यह कार्रवाई झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 के तहत की गई.

प्रशासक के निर्देश पर यह विशेष अभियान अपर प्रशासक संजय कुमार के नेतृत्व में चलाया गया. अधिकारियों ने शहर के 10 प्रमुख मार्गों और व्यावसायिक इलाकों का दौरा कर सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की.
प्रमुख सड़कों को साफ रखने के लिए बनाई गई DRMT टीम
निगम ने शहर की 10 प्रमुख सड़कों को साफ और अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए डेडिकेटेड रोड मैनेजमेंट टीम (DRMT) बनाई है. हर मार्ग के साथ एक वरीय पदाधिकारी को जोड़ा गया है, जो नियमित निगरानी और तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे. निरीक्षण के दौरान शहीद चौक, अपर बाजार, मेन रोड, रातू रोड, अरगोड़ा, सहजानंद चौक, बायपास रोड सहित कई प्रमुख इलाकों में टीमों ने स्थिति का जायजा लिया. अलग-अलग टीमों ने डस्टबिन की उपलब्धता, अवैध पार्किंग, सिंगल यूज प्लास्टिक, सीएंडडी वेस्ट, नालियों की सफाई, अवैध होर्डिंग, पोस्टर और ट्रेड लाइसेंस की जांच की.
किन मामलों में कितना जुर्माना?
अभियान के दौरान लगाए गए जुर्माने का ब्योरा इस प्रकार है:
- अतिक्रमण: ₹1,09,900
- डस्टबिन नहीं रखने पर: ₹50,000
- सिंगल यूज प्लास्टिक: ₹2,700
- सीएंडडी वेस्ट: ₹17,500
- गंदगी फैलाने पर: ₹36,900
- खुले में पेशाब: ₹100
- अवैध विज्ञापन/होर्डिंग: ₹1,27,000
- नो पार्किंग: ₹1,000
- ट्रेड लाइसेंस उल्लंघन: ₹50,000
अपर प्रशासक संजय कुमार ने साफ कहा कि स्वच्छता मानकों से किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा. दोबारा उल्लंघन मिलने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही निगम प्रशासन ने दुकानदारों और शहरवासियों से अपील की है, कि कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें, अतिक्रमण न करें और निगम के नियमों का पालन करें. नागरिकों की भागीदारी से ही रांची को स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंक मिल सकता है.
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