NewsWave Desk: गायत्री मंत्र क्या है?गायत्री मंत्र हिंदू धर्म में बहुत ही खास और शक्तिशाली माना जाता है. इसे महामंत्र भी कहा जाता है. यह मंत्र वेदों से लिया गया है. माना जाता है कि अगर इसे समझकर और दिल से बोला जाए, तो इससे हमारे अंदर पॉजिटिव एनर्जी आती है और हम भगवान के करीब महसूस करते हैं.
विद्यार्थियों के लिए क्यों अच्छा है?
गायत्री मंत्र पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है. इसमें 24 अक्षर होते हैं और हर अक्षर में अलग-अलग शक्ति बसी हुई है.अगर सही ढंग से इसका जाप करें, तो जीवन की कई मुश्किलें आसान हो सकती हैं.
गायत्री मंत्र का अर्थ
‘ॐ भूर्भव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्’
इसका मतलब है हम उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को अपनी अंतरात्मा में धारण करते हैं. वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करे.
गायत्री मंत्र का जाप कैसे करें?
गायत्री मंत्र का जाप करने के लिए सबसे अच्छे समय हैं: सुबह सूरज निकलने से पहले, दोपहर में और शाम को सूरज डूबने से पहले. इन समयों पर मंत्र को सही उच्चारण के साथ बोलें. सूर्यास्त के बाद मंत्र का जाप सिर्फ मन ही मन करें. जाप करते वक्त कुश के आसन पर बैठें, मुंह पूर्व या पश्चिम की ओर रखें और तुलसी या चंदन की माला ले लें.
गायत्री मंत्र के फायदे
अगर आप रोज सही ढंग से गायत्री मंत्र का जाप करेंगे , तो आपको गुस्सा कम आएगी , चिंता दूर होती है, सेहत अच्छी रहती है, पढ़ाई में मन लगता है और समाज में इज्जत भी बढ़ती है. साथ ही, दिमाग शांत रहता है और मन में सकारात्मक सोच आती है.
