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हजारीबाग में रिसेप्शन बना रणभूमि: “धोखे के रिश्ते” का खुला सच, लाठी-डंडों की गूंज में बिखर गए सपने

Hazaribagh: हजारीबाग शहर के कोर्रा थाना क्षेत्र स्थित होटल अरण्य बिहार में देर रात वह सब हुआ, जिसकी कल्पना भी किसी ने...

Hazaribagh: हजारीबाग शहर के कोर्रा थाना क्षेत्र स्थित होटल अरण्य बिहार में देर रात वह सब हुआ, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी. जहां शहनाइयों की मधुर धुन और खुशियों की चमक होनी थी, वहां चीख-पुकार, आक्रोश और हिंसा का ऐसा तांडव देखने को मिला, जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया.

बताया जा रहा है कि बड़कागांव के हरली गांव के लड़की पक्ष और सदर प्रखंड के पौता गांव के लड़का पक्ष के बीच 1 मई को बड़े ही धूमधाम से विवाह संपन्न हुआ था. यह शादी दो परिवारों के मिलन का प्रतीक होनी चाहिए थी, लेकिन महज दो दिनों के भीतर ही अविश्वास, आरोप और पीड़ा का प्रतीक बन गई.

रिसेप्शन में दुल्हन के खुलासे से मचा हड़कंप

विवाह के बाद आयोजित रिसेप्शन समारोह में जैसे ही दुल्हन ने अपने जीवन से जुड़ी सच्चाई परिजनों के सामने रखी, माहौल अचानक बदल गया.

धोखे से शादी कराने का आरोप

दुल्हन के खुलासे से ऐसा बवाल मचा कि खुशियों का मंच हिंसा के अखाड़े में बदल गया. सात फेरे दोनों परिवारों पर भारी पड़ गए. छिपी सच्चाई सामने आते ही रिश्तों में दरार पड़ गई और दोनों पक्षों के बीच खूनी टकराव हो गया.

दुल्हन पक्ष ने आरोप लगाया कि यह विवाह “धोखे की नींव” पर खड़ा किया गया था. उनका कहना है कि दूल्हे की मानसिक स्थिति समेत कई महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया. इतना ही नहीं, शादी के बाद प्रताड़ना, मोबाइल छीनने और जेवरात जब्त करने जैसे गंभीर आरोपों ने आक्रोश को और भड़का दिया.

लाठी-डंडे चले, कई लोग घायल

देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हुई, जो कुछ ही पलों में हिंसक झड़प में बदल गई. लाठी-डंडे चलने लगे. कुर्सियां और टेबल हवा में उछलने लगे. होटल परिसर रणभूमि में तब्दील हो गया और खुशियों का हर रंग खून और आंसुओं में धुल गया.

इस भीषण मारपीट में दूल्हा पक्ष के श्याम तिवारी, पंचानंद तिवारी और छोटू तिवारी घायल हुए. वहीं, दुल्हन पक्ष से विजय उपाध्याय, सरवन उपाध्याय और दुल्हन के पिता अनिल पांडे गंभीर रूप से घायल हो गए. सभी घायलों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है.

मौके पर पहुंची पुलिस, जांच जारी

सूचना मिलते ही कोर्रा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह हालात पर काबू पाया. महिला पुलिस की मदद से दुल्हन को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जबकि पूरे मामले की जांच जारी है. हालांकि, अभी तक दोनों पक्षों में से किसी ने भी लिखित आवेदन नहीं दिया है.

इस संबंध में कोर्रा थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि विवाद के बाद दो लोगों को पूछताछ के लिए थाना लाया गया था, लेकिन किसी पक्ष की ओर से आवेदन नहीं मिलने के कारण दोनों को छोड़ दिया गया. आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

घटना ने खड़े किए कई सवाल

यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है. क्या आज रिश्ते विश्वास की बजाय दिखावे और झूठ की बुनियाद पर खड़े हो रहे हैं? क्या शादी जैसे पवित्र बंधन में पारदर्शिता की जगह छल-कपट ने ले ली है?

यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक आईना है. यह बताती है कि अगर रिश्तों में सच्चाई, पारदर्शिता और सम्मान नहीं होगा, तो खुशियों के मंच इसी तरह हिंसा के अखाड़ों में बदलते रहेंगे.

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