Ranchi: आदेश की अवहेलना पर थाना प्रभारी का वेतन रोकने का आदेश दिया गया है. रांची सिविल कोर्ट स्थित फैमिली कोर्ट संख्या-2 के न्यायाधीश राजेश कुमार सिंह की अदालत ने हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना प्रभारी का वेतन रोकने का निर्देश जारी किया है. यह कार्रवाई बार-बार आदेश दिए जाने के बावजूद गिरफ्तारी वारंट पर अमल न करने और कोर्ट को संतोषजनक जवाब न देने के कारण की गई है.
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क्या है पूरा मामला?
यह मामला किरण कुमारी द्वारा अपने पति छोटू साव के खिलाफ दायर भरण-पोषण याचिका से जुड़ा है. किरण कुमारी ने वर्ष 2021 में भरण-पोषण के लिए कानूनी गुहार लगाई थी. सुनवाई के बाद अदालत ने उसी वर्ष पति छोटू साव को आदेश दिया था कि वह अपनी पत्नी को नियमित रूप से भरण-पोषण राशि का भुगतान करे. पति द्वारा लंबे समय तक राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद कोर्ट ने सख्त कदम उठाते हुए उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. अदालत ने वारंट के तामिला की जिम्मेदारी बड़कागांव पुलिस को सौंपी थी, लेकिन थाना प्रभारी की ओर से इस मामले में शिथिलता बरती गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने कई बार आदेश दिए जाने के बावजूद थाना प्रभारी ने आरोपी पति को गिरफ्तार करने या कोर्ट में पेश करने में कोई रुचि नहीं दिखाई. अदालत ने जब कार्रवाई की रिपोर्ट (तामिला) मांगी, तो उसे भी पुलिस द्वारा नजरअंदाज कर दिया गया. कोर्ट ने थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन पुलिस की ओर से इसका कोई जवाब नहीं दिया गया.
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एसपी को लिखा पत्र, वेतन पर रोक
लगातार हो रही अदालत अवमानना को देखते हुए न्यायाधीश राजेश कुमार सिंह ने हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक को आधिकारिक पत्र लिखा है. पत्र के माध्यम से निर्देश दिया गया है कि जब तक थाना प्रभारी इस मामले में अदालत के आदेश का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक उनका वेतन रोक दिया जाए.
