सिमडेगा : रामरेखा धाम को राष्ट्रीय स्तर का धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र बनाने की पहल, प्रशासन ने शुरू की कवायद

Simdega: त्रेतायुग में भगवान श्रीराम के आगमन से जुड़ी आस्था और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध रामरेखा धाम को अब भव्य, सुव्यवस्थित...

Simdega: त्रेतायुग में भगवान श्रीराम के आगमन से जुड़ी आस्था और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध रामरेखा धाम को अब भव्य, सुव्यवस्थित और आकर्षक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है. जिला प्रशासन ने इस दिशा में ठोस पहल करते हुए विकास कार्यों को गति देने का निर्णय लिया है. इसी कड़ी में उपायुक्त कंचन सिंह ने रामरेखा धाम परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं रामरेखा धाम समिति के सदस्यों ने भाग लिया. बैठक में रामरेखा धाम के समग्र, सुनियोजित एवं चरणबद्ध विकास पर विस्तार से चर्चा की गई. स्वीकृत योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए.

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निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक हो : डीसी

उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि रामरेखा धाम को एक भव्य एवं आकर्षक धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. इसके लिए एक विशेष सोसाइटी के गठन का निर्देश दिया गया, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी को शामिल किया जाएगा, ताकि विकास एवं प्रबंधन कार्यों में पारदर्शिता और समन्वय सुनिश्चित हो सके. बैठक के दौरान विभिन्न विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक आधार पर किए जाएं, जिससे उनकी गुणवत्ता और दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित हो सके. मंदिर एवं मुख्य गुफा के प्रवेश द्वार और सीढ़ियों को सैंड स्टोन एवं ग्रेनाइट से भव्य स्वरूप देने, श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रवेश एवं निकासी के लिए अलग-अलग मार्ग विकसित करने का निर्देश दिया गया.

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19 करोड़ रुपये की लागत से होगा विकास कार्य

इसके साथ ही मंदिर परिसर के समीप स्थित यज्ञशाला एवं प्रसाद भवन को वर्तमान स्थान से पीछे स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया, ताकि मुख्य गुफा का दर्शन स्पष्ट रूप से हो सके और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो. उपायुक्त ने बताया कि वर्तमान में रामरेखा धाम में लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए, ताकि यह स्थल न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश में अपनी एक विशिष्ट पहचान बना सके. बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं समिति सदस्यों ने भी विकास कार्यों को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के लिए अपने सुझाव साझा किए और प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई.

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