Hazaribagh: शहर को पर्यटन, खेल और पर्यावरण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से हजारीबाग नगर निगम के महापौर अरविंद कुमार राणा ने झारखंड सरकार के समक्ष कई महत्वाकांक्षी प्रस्ताव पेश किए हैं. इन योजनाओं के जरिए हजारीबाग को एक आधुनिक, आकर्षक और अवसरों से भरपूर शहर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है.
झील के समग्र विकास की योजना
सबसे प्रमुख प्रस्ताव हजारीबाग के मनोरम झील के विकास को लेकर है. योजना के तहत झील के चारों ओर पार्क, आकर्षक गार्डन और बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र विकसित किए जाएंगे. साथ ही बेहतर प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा, सार्वजनिक शौचालय और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत किया जाएगा. पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए झील की नियमित सफाई, ग्रीन बेल्ट का निर्माण और पूरे क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त घोषित करने की योजना है. स्थानीय हस्तशिल्प, फूड स्टॉल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर पर्यटन को गति दी जाएगी.
मॉडल स्पोर्ट्स सेंटर का प्रस्ताव
शहर में एक आधुनिक मॉडल स्पोर्ट्स सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव भी दिया गया है. इस खेल परिसर में स्केटिंग रिंक, योग एवं ध्यान केंद्र और मल्टी-एक्टिविटी एरिया विकसित किया जाएगा. ओपन जिम और रनिंग ट्रैक जैसी सुविधाएं आम नागरिकों के लिए उपलब्ध होंगी. साथ ही तीन प्रशिक्षण एवं प्रतिभा विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा. यह केंद्र राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन में भी सक्षम होगा.
चरही घाटी बनेगी ‘फूलों की घाटी’
पर्यटन को नई दिशा देने के लिए महापौर अरविंद कुमार राणा ने राष्ट्रीय राजमार्ग-33 स्थित चरही घाटी के “नन्हे हनुमान क्षेत्र” को ‘फूलों की घाटी’ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भेजा है. यहां सेल्फी प्वाइंट, जंपिंग स्विंग जैसी एडवेंचर गतिविधियां, आधुनिक ग्लास ब्रिज और व्यापक सौंदर्याकरण कार्य किए जाएंगे. विभिन्न प्रकार के फूलों और पौधों से क्षेत्र को मनमोहक स्वरूप दिया जाएगा.
रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा
महापौर ने कहा कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से न केवल हजारीबाग की सुंदरता और पहचान में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे. युवाओं को बेहतर मंच मिलेगा और नागरिकों के स्वास्थ्य में सुधार आएगा. उन्होंने राज्य सरकार से इन प्रस्तावों पर आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति देने का आग्रह किया है.
