Hazaribagh : जिले में स्थित कुछ कब्रिस्तानों की देखरेख में लापरवाही पर स्थानीय लोगों ने आवाज उठायी है. जिसकी शिकायत जिला प्रशासन से की गयी है. कब्रिस्तानों की देखरेख कल्याण विभाग करती है. शिकायत में बताया गया है कि कुछ चिन्हित जगहों पर पहले से बने पुराने जनाजा शेड के मरम्मत के नाम पर राशि निकाल ली गयी है. इसमें एक मामला कटकमदाग प्रखंड में पसई गांव के कब्रिस्तान से जुड़ा है. यहां कब्रिस्तान की चारदिवारी के नाम पर नियम के खिलाफ ईदगाह में चारदीवारी बनाकर मोटी राशि की निकासी कर बंदरबांट किया गया. कार्यों के निर्माण में बिल तैयार कर यानी एमबी बुक करने की जवाबदेही राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम यानी एनआरईपी एजेंसी को मिली थी. स्थानीय लोगों ने मामले की जांच की मांग की है.
लिपिक की भूमिका
कल्याण विभाग कार्यालय में लिपिक की भूमिका से लोग परेशान है. प्रखंड स्तर से योजना के चयन के बाद जिला स्तर से राज्य कल्याण विभाग में योजना की सूची भेजने से लेकर इसकी स्वीकृति के बाद धरातल पर योजना आवंटित करने के नाम पर अलग अलग लाभुक समिति से मोटी रकम की उगाही हो रही है. आरोप है कि लिपिक मनचाहा तरीके से लाभुक समिति से जुड़े लोगों के बीच काम आवंटित कर मोटी रकम वसूलते हैं.

लाभुक समिति को दिए गए निर्देश
इस मामले में कार्यपालक अभियंता एनआरईपी मनोज कुमार ने कहा कि कुछ योजनाओं के नियम संगत नए निर्माण में लापरवाही की शिकायत पर इसकी जांच हुई है. लाभुक समिति को डांट फटकार लगाया गया है. वहीं, योजनाओं को सही तरीके से धरातल पर उतारने का निर्देश दिया गया है. कटकमदाग प्रखंड के पसई कब्रिस्तान मामले में योजनाओं के निर्माण कार्य पर उभरे विवाद को सलटा लिया गया है.
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