NewsWave Desk: प्यार में शुरुआत में सब कुछ अच्छा लगता है, लेकिन समय के साथ चीजें बदल सकती हैं. कई बार पार्टनर बहुत ज्यादा प्रोटेक्टिव या डॉमिनेटिंग हो जाता है. इससे रिश्ते में घुटन महसूस होने लगती है. नीचे दी गई इन बातों का ध्यान रखें:
- अगर आपके कपड़े, किससे मिलना है या कब घर लौटना है यह सब आपके ब्वॉयफ्रेंड तय करते हैं, तो यह कंट्रोलिंग है. रिश्ते में दोनों की सहमति जरूरी है.
- अगर वह आपकी बात बार-बार काटता है, मजाक बनाता है या हल्के में लेता है, तो वह चाहता है कि आप हमेशा उसकी ही बात मानें.
- हर समय शक करना, सोशल मीडिया पर नजर रखना या आपको दोस्तों से मिलने से रोकना .यह प्यार नहीं, निगरानी है.
- “मेरे लिए यह करो, वरना तुम मुझसे प्यार नहीं करती.” इसे कहते है इमोशनल ब्लैकमेल .
- अगर दोस्तों या परिवार से मिलने के लिए आपको इजाजत लेनी पड़ती है, तो यह प्यार नहीं, कंट्रोलिंग बर्ताव है.
- बात मनवाने के लिए गुस्सा करना या डराना भी डॉमिनेटिंग नेचर का संकेत है.
- अगर वह आपकी उपलब्धियों को छोटा दिखाता है या उनकी तारीफ नहीं करता, तो वह नहीं चाहता कि आप आत्मनिर्भर बनें.
- आपके पहनावे, बोलने या चलने-फिरने पर लगातार टिप्पणी करना आपके आत्मविश्वास को कम कर देता है.
- अगर उसे आपकी ‘ना’ स्वीकार नहीं है, तो यह भी डॉमिनेटिंग स्वभाव है.
- “मैं तुम्हारे लिए सब करता हूँ, तुम भी मेरी बात मानो.” ऐसी बातें रिश्ते में जबरदस्ती त्याग करवाने का संकेत हैं.
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