Hazaribag:झारखंड की सियासत में इन दिनों जुबानी जंग और तीखे बयानों का दौर जारी है. हजारीबाग में एक पत्रकार के साथ हुई बदसलूकी के मामले ने अब राजनीतिक अखाड़े का रूप ले लिया है. भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने इस मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को आड़े हाथों लेते हुए एक ऐसा बयान दिया है, जिसने गलियारों में हलचल मचा दी है.
विवाद की जड़: एक सवाल और फिर हंगामा
मामले की शुरुआत तब हुई जब स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी हजारीबाग के बहुचर्चित ‘ट्रिपल मर्डर’ केस के पीड़ितों से मिलने सदर अस्पताल पहुंचे थे. प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एक स्थानीय पत्रकार ने चतरा एयर एंबुलेंस हादसे की जांच की प्रगति पर सवाल पूछ लिया. प्रत्यक्षदर्शियों और आरोपों के अनुसार, सवाल सुनते ही मंत्री के समर्थक और कांग्रेस कार्यकर्ता उग्र हो गए और पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की व हाथापाई की.

भानु प्रताप शाही की तल्ख टिप्पणी
शुक्रवार को हजारीबाग पहुंचे भाजपा नेता भानु प्रताप शाही ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने व्यंग्यात्मक और सख्त लहजे में कहा झारखंड में हालात ऐसे हो गए हैं कि अब पत्रकारों को मंत्री इरफान अंसारी का इंटरव्यू लेने के लिए विशेष तैयारी करनी होगी. पत्रकार एक हाथ में माइक थामें और दूसरे हाथ में लाठी लेकर जाएं. मंत्री के समर्थकों का कोई भरोसा नहीं है, वे कब हमला कर दें, इसलिए पत्रकारों को अब अपनी सुरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार रखने की भी जरूरत पड़ सकती है.
बढ़ता आक्रोश और राजनीतिक दबाव
भानु प्रताप शाही के इस बयान ने आग में घी डालने का काम किया है. जहाँ एक ओर विपक्षी दल इसे ‘लोकतंत्र के चौथे स्तंभ’ पर हमला बताकर सरकार को घेर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभिन्न पत्रकार संगठनों में भी गहरी नाराजगी देखी जा रही है.
