हजारीबाग सदर प्रखंड में दलालों का नेटवर्क सक्रिय, 48 घंटे में सर्टिफिकेट देने का खुला दावा

Hazaribagh: प्रखंड सह अंचल कार्यालय इन दिनों भ्रष्टाचार और दलालों के सिंडिकेट का केंद्र बनता जा रहा है. कार्यालय की दीवारों पर...

Hazaribagh: प्रखंड सह अंचल कार्यालय इन दिनों भ्रष्टाचार और दलालों के सिंडिकेट का केंद्र बनता जा रहा है. कार्यालय की दीवारों पर बाहर से लेकर भीतर तक खुलेआम ऐसे नोटिस चिपकाए गए हैं, जो सरकारी व्यवस्था को सीधी चुनौती दे रहे हैं. इन पोस्टरों में दावा किया जा रहा है कि मात्र 48 घंटे के भीतर जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया जाएगा.

पैसे दो और काम लो का खेल

हैरानी की बात यह है कि जहां आम जनता एक प्रमाण पत्र के लिए महीनों दफ्तर के चक्कर काटती है, वहीं दलाल मोटी रकम लेकर यही काम दो-तीन दिन में कराने का दावा कर रहे हैं. इन पोस्टरों पर बकायदा दो मोबाइल नंबर 7050101502 और 8092310569 भी जारी किए गए हैं. जब इन नंबरों पर संपर्क किया गया, तो कथित दलाल ने 1200 रुपये की मांग की और कहा कि काम चाहे नगर निगम का हो या ब्लॉक का, सब जगह उनकी सेटिंग है.

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रामगढ़ से चल रहा हजारीबाग का सिस्टम

जांच में यह भी सामने आया है कि इन नंबरों का लोकेशन रामगढ़ कैंटोनमेंट क्षेत्र का है. दलाल फोन पर खुलेआम दावा कर रहे हैं कि वे रामगढ़ में रहकर हजारीबाग के अधिकारी-कर्मचारियों को मैनेज कर लेंगे. अब सवाल यह उठता है कि जिस मुख्य गेट से अधिकारी और कर्मचारी रोज भीतर जाते हैं, क्या उनकी नजर दीवारों पर चिपके इन अवैध नोटिसों पर नहीं पड़ती?

मिलीभगत के आरोप से बढ़े सवाल

ब्लॉक में अपने काम के लिए आने वाले ग्रामीणों का कहना है कि कर्मचारी उन्हें बार-बार दौड़ाते हैं, लेकिन अगर दलालों को पैसे दिए जाएं तो वही फाइल चंद घंटों में आगे बढ़ जाती है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे सिंडिकेट की जांच की जाए और दीवारों पर अवैध नोटिस चिपकाने वालों के साथ-साथ उनके मददगार कर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए.

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