Khunti: रोजगार की तलाश में बाहर गए एक परिवार को पंजाब में बंधुआ मजदूरी के जाल से मुक्त कराकर खूंटी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. AHTU की त्वरित कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार को सुरक्षित वापस लाया गया.
परिजनों ने दर्ज कराई थी शिकायत
मामला AHTU थाना कांड संख्या-02/26, दिनांक 2 मई 2026 से जुड़ा है. रेवा गांव निवासी लक्ष्मी बारला ने आवेदन देकर आरोप लगाया था कि अड़की थाना क्षेत्र के बिरबंकी इचाकुटी निवासी सनिका पूर्ति, उनके पति और बच्चों को पंजाब के जालंधर जिले में बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया है. घर लौटने की बात करने पर उनके साथ गाली-गलौज, धमकी और दबाव बनाया जा रहा था.

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर AHTU थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 352, 351(2), 86 BNS और Bonded Labour System Abolition Act की धारा 16/18 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई.
NGO की मदद से परिवार को निकाला गया
जांच के दौरान पुलिस टीम ने पंजाब के जालंधर जिले के शाहकोट थाना क्षेत्र स्थित परिजया कलाम, मलसिया इलाके में स्थानीय स्तर पर सत्यापन कराया. इसके बाद संबंधित NGO के सहयोग से पीड़ित सनिका पूर्ति, उनके पति और बच्चों को सकुशल बरामद कर सुरक्षित बाहर निकाला गया.
पुलिस कार्रवाई की हो रही सराहना
इस कार्रवाई को मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ पुलिस की संवेदनशील पहल माना जा रहा है. स्थानीय लोगों ने कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो पूरा परिवार लंबे समय तक शोषण का शिकार हो सकता था.
ALSO READ: BREAKING : मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट ने दी बेल
