Ranchi / Delhi : टेंडर घोटाला के जरिए करोड़ों रुपए की मनी लाउंड्रिंग करने के आरोपी पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के ओएसडी संजीव लाल की जमानत याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने संजीव लाल की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया. न्यायाधीश जस्टिस एम एम सुंदरेश्वर और जस्टिस एन कोटीश्वर सिंह की बेंच में संजीव लाल की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. झारखंड हाईकोर्ट से बेल नहीं मिलने के बाद संजीव लाल ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. संजीव लाल की जमानत याचिका झारखण्ड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट ने खारिज की थी. संजीव लाल को ईडी ने दो वर्ष पहले मई महीने में गिरफ्तार किया था. तब से वह जेल में हैं. आरोपों के मुताबिक तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम के ओएसडी संजीव कुमार लाल एवं उनके नौकर जहांगीर आलम के यहां से मिले 32.30 करोड़ रुपये नकद बरामदी हुई थी. पैसे बरामद होने के बाद आलमगीर आलम और संजीव लाल को गिरफ्तार किया गया था.
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