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झारखंड के दो चर्चित मामलों में CBI की क्लोजर रिपोर्ट: परिजनों के उम्मीदों को लगा झटका

Ranchi : झारखंड के दो ऐसे आपराधिक मामले जिन्होंने वर्षों तक राज्य की सियासत और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, उनमें...

Ranchi : झारखंड के दो ऐसे आपराधिक मामले जिन्होंने वर्षों तक राज्य की सियासत और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, उनमें देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी, सीबीआई (सीबीआई) ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है. पलामू का ‘बकोरिया मुठभेड़ कांड और रांची का विनय महतो हत्याकांड दोनों ही मामलों में ठोस सबूतों और तकनीकी तथ्यों के आधार पर जांच एजेंसी ने फिलहाल अपनी कार्रवाई रोकने का फैसला किया है.

बकोरिया एनकाउंटर: 12 मौतों के मामले में CBI ने मुठभेड़ को माना सही

जून 2015 का वह घटनाक्रम, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे, अब सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के बाद एक नया मोड़ ले चुका है. आठ जून 2015 को पलामू जिले के सतबरवा (बकोरिया) में एक मुठभेड़ हुई थी, जिसमें डॉ. अनुराग समेत 12 लोग मारे गए थे. पुलिस और सुरक्षा बलों (सीआरपीएफ व कोबरा बटालियन) का दावा था कि ये सभी उग्रवादी थे जो मुठभेड़ में मारे गए. यह मामला तब संदिग्ध हो गया जब तत्कालीन दरोगा हरीश पाठक ने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर सनसनीखेज दावा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि उग्रवादी संगठन जेजेएमपी ने इन लोगों को मारा था, जिसे पुलिस ने बाद में मुठभेड़ का रूप दे दिया. इस मुद्दे पर पुलिस महकमे के भीतर ही दो फाड़ हो गए थे.

लंबी जांच के बाद सीबीआई ने विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है. फॉरेंसिक रिपोर्ट और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर सीबीआई ने इस मुठभेड़ को सही करार दिया है. कोर्ट ने इस रिपोर्ट के आधार पर मामले के शिकायतकर्ता जवाहर यादव को नोटिस जारी किया है. जवाहर यादव ने सीबीआई के इस निष्कर्ष को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय लिया है.

सफायर इंटरनेशनल स्कूल: विनय महतो की मौत की गुत्थी सुलझाने में नाकाम रही CBI

रांची के प्रतिष्ठित सफायर इंटरनेशनल स्कूल के छात्र विनय महतो की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है, क्योंकि सीबीआई ने चार साल की जांच के बाद इस केस में भी सरेंडर कर दिया है. पांच फरवरी 2016 की रात सफायर स्कूल के छात्र विनय महतो की मौत हो गई थी. सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के अनुसार रात 1:01:14 बजे विनय अपने हॉस्टल से बाहर निकला था. महज 3 मिनट 48 सेकंड बाद, यानी 1:05:02 बजे वह स्टाफ क्वार्टर (विंग-ए) से नीचे गिर गया. इतने कम समय में क्या हुआ, यह आज भी एक रहस्य है. झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर जुलाई 2022 में केस संभालने वाली सीबीआई ने. घटनास्थल का कई बार क्राइम सीन रिक्रिएशन किया. सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक परीक्षणों का सहारा लिया. स्कूल के स्टाफ और छात्रों से गहन पूछताछ की.

ठोस सबूतों का अभाव 

सीबीआई ने अदालत को बताया कि उन्हें किसी भी व्यक्ति के खिलाफ हत्या की साजिश या संलिप्तता का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. इस रिपोर्ट से विनय के पिता मनबहाल महतो और उनके परिवार को गहरा झटका लगा है, जो पिछले 8 वर्षों से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे थे.

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