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पलामू हिरासत में मौत मामला: HC ने फैसला रखा सुरक्षित, रजिस्टर में हेरफेर का खुलासा

Palamu: पलामू हिरासत में मौत मामले को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद एवं न्यायाधीश अनुभा रावत चौधरी की...

Palamu: पलामू हिरासत में मौत मामले को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद एवं न्यायाधीश अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ में सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया गया.

मेडिकल टीम से मांगे गए दस्तावेज

अदालत के समक्ष आज मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सुपरिटेंडेंट एवं डिप्टी सुपरिटेंडेंट के अलावा ड्यूटी डॉक्टर भी मौजूद रहे. अदालत ने उनसे मेडिकल रिपोर्ट से संबंधित रजिस्टर की मांग की, जहां अदालत ने पाया कि रजिस्टर में भी हेरफेर की गई है.

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रजिस्टर में ओवरराइटिंग पर सवाल

अदालत ने जब पूछा कि यहां ओवरराइटिंग क्यों की गई है, तो इस पर जवाब देने में सुपरिटेंडेंट, डिप्टी सुपरिटेंडेंट एवं ड्यूटी डॉक्टर विफल नजर आए.

हाईकोर्ट का सख्त रुख

अदालत ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि अगर आप जवाब नहीं दे सकते हैं तो हम फैसला सुरक्षित रखते हैं और इस मामले में दोषी पाए गए सभी लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी.

हिरासत में युवक से मारपीट और मेडिकल सर्टिफिकेट पर सवाल

जानकारी के अनुसार 1 मार्च 2025 को युवक महफूज अहमद को नवाबाजार क्षेत्र से पुलिस पकड़कर ले गई थी. आरोप है कि हिरासत में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई.

इसके बाद उसके खिलाफ पांकी थाना में कांड संख्या 25/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और उसे सीजेएम कोर्ट पलामू में पेश किया गया. इसके बाद पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया.

अदालत में पेश हुआ “फिट फॉर कस्टडी” सर्टिफिकेट

सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि पुलिस ने अदालत में अस्पताल का एक प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था, जिसमें घायल होने के बावजूद युवक को “फिट फॉर कस्टडी” बताया गया था.

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