Ranchi: पूर्व मंत्री आलमगीर आलम 727 दिनों के बाद जेल से बाहर आयेंगे. वे 15 मई 2024 से जेल में बंद हैं, जबकि आलमगीर आलम के आप्त सचिव संजीव लाल 735 दिन के बाद जेल से बाहर आयेंगे. संजीव लाल को आलमगीर आलम से पहले 7 मई 2024 को गिरफ्तार किया गया था. ग्रामीण विकास विभाग के टेंडर में कमीशन और मनी लाउंड्रिग के आरोप में तत्कालीन मंत्री और उनके आप्त सचिव मई 2024 से जेल में हैं. दोनों को 9 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट से बेल मिला है. मंगलवार को आलमगीर आलम व संजीव लाल दोनों के जेल से बाहर आने की संभावना है. बताया जा रहा है कि मंगलवार को रिलीज आर्डर ईडी कोर्ट से होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा पहुंचेगा, उसके बाद दोनों जेल से बाहर आ जायेंगे.
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आलमगीर आलम 15 मई 2024 से जेल में हैं बंद
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दो दिनों की लंबी पूछताछ के बाद ग्रामीण विकास विभाग के तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम को 15 मई 2024 को गिरफ्तार किया था. मंत्री के आप्त सचिव संजीव लाल और उसके करीबी जहांगीर आलम को 7 मई 2024 को गिरफ्तार किया गया था. इससे पहले ईडी ने 6 मई को संजीव लाल, जहांगीर आलम सहित अन्य के ठिकानों पर छापा मारा था. छापेमारी के दौरान जहांगीर के ठिकाने से 32.20 करोड़ रुपये नकद जब्त किये गये थे.
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कोड वर्ड का इस्तेमाल, करोड़ रूपये किये गए जब्त
वहीं संजीव लाल के घर से 10.05 लाख रुपये नकद के अलावा एक डायरी मिली थी. इसमें कमीशन के रकम की हिस्सेदारी का हिसाब किताब लिखा हुआ था. कमीशन की रकम में हिस्सा लेने वालों के नाम के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल किया गया था. छापेमारी के दौरान मिली नकद राशि और दस्तावेज के आधार पर हुई पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद तत्कालीन विकास मंत्री आलमगीर आलम को पूछताछ के लिए समन जारी किया गया. दो दिनों की लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने 15 मई को देर रात मंत्री आलमगीर आलम को गिरफ्तार कर लिया गया. अब तक ईडी ने संजीव लाल की 4.42 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुका है. वहीं जहांगीर आलम के घर से मिली 32.20 करोड़ रुपये की नकद राशि भी जब्त की जा चुकी है. सबसे ज्यादा तत्कालीन मुख्य अभियंता विरेंद्र राम की 39 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गयी है.
