News Wave desk : आने वाले चार पांच दिनों के अंदर पेट्रोल डीजल और गैस सिलेंडर के दाम में फिर से वृृृद्धि दर्ज की जा सकती है. अंर्तराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के कारण सरकार, तेल कंपनियों और देश के आयात बिल पर अब इसका दबाव देखा जा रहा है. जहां देश के अलग अलग हिस्सों में पेट्रोल डीजल के किल्लत की खबर अब सामने आने लगी है. वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने भी जनता से तेल बचाने और सोने की खरीदारी कम करने की अपील की है. केंद्र सरकार अब ईंधन को लेकर प्लान तैयार कर रही है.
देश में अपनी जरूरत का 85 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल आयात होता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव का सीधा असर भारत पर पड़ता है.
अनुमान है कि पेट्रोल और डीजल 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक महंगे हो सकते हैं. जबकि एलपीजी सिलेंडर के दाम 40 से 50 रुपये तक बढ़ सकते हैं. इंडिया टूडे के अनुसार सरकारी तेल कंपनियां फिलहाल बाजार कीमत से कम दर पर ईंधन बेच रही हैं. जिससे उन्हें हर महीने करीब 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहीं, तो इस दबाव को संभालना मुश्किल हो जाएगा.
जानकारी हो कि अमेरिका ईरान जंग के कारण देश में ईंधन की कमी हो रही है. जहां ईरान के स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से देश का 90 फीसदी कच्चा तेल आयात किया जाता है. जंग के कारण तेल सप्लाई प्रभावित है. जिसके दाम में वृद्धि हो रही है.
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