Ranchi : संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में झारखंड की कला-संस्कृति और भाषा की गूंज अब और तेज होगी. डॉ. रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान (TRI), रांची ने संताली को वैकल्पिक विषय के रूप में चुनने वाले मेधावी छात्रों के लिए एक विशेष कोचिंग कार्यक्रम की घोषणा की है. इस पहल का सबसे अनूठा पहलू यह है कि इसमें न केवल संताली भाषियों को, बल्कि गैर-संताली भाषी उम्मीदवारों को भी भाषा का आधारभूत ज्ञान देकर मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा.
35 छात्रों की किस्मत संवारेगा टीआरआइ
इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य झारखंड के 35 चुनिंदा उम्मीदवारों को संताली (वैकल्पिक) विषय में विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करना है. संस्थान का मानना है कि सही प्रशिक्षण से इन छात्रों की सफलता की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएंगी.

फैकल्टी और कोऑर्डिनेटर की होगी बहाली
- केवल छात्र ही नहीं, बल्कि संताली भाषा के विशेषज्ञों और प्रबंधन में रुचि रखने वालों के लिए भी अवसर खुले हैं.
- अतिथि संकाय: ऐसे आवेदक जिन्हें कॉलेज स्तर पर संताली विद्यार्थियों को पढ़ाने और मार्गदर्शन करने का गहरा अनुभव हो.
- कोचिंग समन्वयक: स्मार्ट क्लास संचालन में दक्ष स्नातक पास युवाओं के लिए एक (01) पद पर आवेदन आमंत्रित हैं.
योग्यता और महत्वपूर्ण तिथियां
कोचिंग के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए स्नातक उत्तीर्ण होना और यूपीएससी की आयु सीमा के मानदंडों को पूरा करना अनिवार्य है. इस कार्यक्रम में अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी. आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 21 मई रखी गई है.
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