Garhwa: नक्सलवाद के साये से मुक्त हो चुके बूढ़ा पहाड़ पर अब विकास की नई इबारत लिखी जा रही है. इसी कड़ी में सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी दीपक कुमार ने गढ़वा का दौरा किया और बूढ़ा पहाड़ पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था तथा चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने जवानों का उत्साह बढ़ाते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि सीआरपीएफ की मौजूदगी ही विजय की गारंटी है.
नक्सलवाद नहीं, अब विकास की हलचल
पिछले कुछ समय से बूढ़ा पहाड़ अपनी बदली हुई फिजा के कारण चर्चा में है, जो पहाड़ कभी नक्सलियों का अजेय किला माना जाता था, वहां अब बंदूकों की गूंज नहीं बल्कि विकास कार्यों का शोर सुनाई दे रहा है. स्पेशल डीजी के इस अचानक दौरे का मुख्य उद्देश्य अब तक हुए विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखना था. इस दौरे के दौरान उनके साथ सुरक्षा और प्रशासन के आला अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें साकेत सिंह (आईजी, झारखंड सेक्टर, सीआरपीएफ), डीआईजी किशोर कौशल, एसपी आशुतोष शेखर शामिल थे.

स्पेशल डीजी ने पहाड़ पर बसे गांव का दौरा किया और सीधे ग्रामीणों से बातचीत की. ग्रामीणों ने भावुक होते हुए बताया कि जब तक यहां भाकपा माओवादियों का कब्जा था, उनका जीवन डर के साये में बीतता था. लेकिन नक्सल मुक्त होने के बाद अब इलाके में अमन-चैन है और लोग बिना किसी डर के अपने दैनिक कार्य कर रहे हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा पहुंचाई जा रही सरकारी योजनाओं पर भी संतोष व्यक्त किया.
जवानों का बढ़ाया हौसला
दीपक कुमार ने गढ़वा और बूढ़ा पहाड़ पर तैनात सीआरपीएफ जवानों के साथ विशेष वार्ता की. उन्होंने जवानों के जज्बे को सलाम करते हुए कहा आप लोगों की मेहनत का ही परिणाम है, कि आज यह दुर्गम क्षेत्र मुख्यधारा से जुड़ रहा है. जहां सीआरपीएफ के कदम पड़ते हैं, वहां जीत सुनिश्चित हो जाती है. उन्होंने जवानों को निर्देश दिया कि ड्यूटी के दौरान आने वाली किसी भी व्यक्तिगत या प्रोफेशनल समस्या के लिए वे बेझिझक अपने अधीनस्थ अधिकारियों से संपर्क करें.
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