Saraikela: चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में कथित मवेशी चोरी की बढ़ती घटनाओं के बीच मंगलवार को गांगुडीह गांव में ग्रामीणों की सतर्कता से एक संदिग्ध मामले का खुलासा हुआ. चांडिल पुलिस की त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई से स्थानीय लोगों में संतोष देखा गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कुछ लोग एक ऑटो वाहन में 16 खस्सी (बकरी) लेकर तेज गति से गुजर रहे थे. बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के बलरामपुर स्थित साप्ताहिक हाट से एक चांडिल के बकरी सप्लायर के टेंपो चालक द्वारा ग्रामीणों की एक बकरी उठा ली गई थी. इसे देखते ही स्थानीय लोगों ने टेंपो चालक को पकड़ लिया और बकरी व टेंपो समेत चांडिल पुलिस के हवाले कर दिया. देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं चांडिल थाना पहुंच गए और हंगामा करने लगे.
लगभग दो घंटे तक थाना परिसर में जनप्रतिनिधियों, पुलिस और ग्रामीणों के बीच विचार-विमर्श हुआ. थाना प्रभारी दिलशन बिरुआ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया. जांच में पाया गया कि 16 बकरियां वैध रूप से खरीदी गई थीं, जबकि एक बकरी को लेकर विवाद था.

पहचान के बाद मालिकों को सौंपी बकरियां
कई ग्रामीणों ने दावा किया कि बरामद खस्सियों में उनके पूर्व में चोरी हुए पशु भी शामिल हैं. पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ खस्सियों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया.
रसीद में 16, बरामद हुईं 18 बकरियां
पुलिस पूछताछ के दौरान पकड़े गए व्यक्तियों ने बताया कि वे पश्चिम बंगाल के बलरामपुर साप्ताहिक हाट से खस्सियों की खरीदारी कर लौट रहे थे तथा खरीद संबंधी रसीद भी प्रस्तुत की. हालांकि प्रारंभिक जांच में प्रस्तुत रसीद में 16 खस्सियों का उल्लेख पाया गया, जबकि वाहन से कुल 18 खस्सी बरामद होने से मामले में संदेह उत्पन्न हुआ.
समझौता के बाद मामला शांत
पुलिस ने दोनों पक्षों को बैठाकर मामले का निपटारा कराया. थाना प्रभारी की सूझबूझ और निष्पक्ष कार्रवाई से ग्रामीण संतुष्ट दिखे. पुलिस ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत थाने को देने की अपील की है.
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