Chakradharpur: पश्चिम सिंहभूम जिले का इकलौता चाईबासा ब्लड बैंक पिछले कई महीनों से लाइसेंस नवीनीकरण न होने के कारण ठप पड़ा है. सामाजिक कार्यकर्ता गुरमुख सिंह खोखर ने उपायुक्त को पत्र लिखकर इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया है. चाईबासा ब्लड बैंक में रक्त प्रसंस्करण और घटक पृथक्करण की सभी आधुनिक मशीनें मौजूद हैं, लेकिन लाइसेंस नवीनीकरण लंबित होने और प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की कमी के कारण संग्रहित रक्त का प्रसंस्करण टाटानगर अस्पताल में किया जा रहा है.
ब्लड के लिए करना पड़ता है घंटों इंतजार
ऐसे में गंभीर मरीजों को टाटानगर से रक्त आने में घंटों इंतजार करना पड़ता है. साथ ही रक्त परिवहन पर अस्पताल और परिजनों का अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है. इतना ही नहीं, टाटानगर भेजे गए रक्त की यूनिट प्रसंस्करण के बाद कम मिल रही हैं. दुर्लभ ब्लड ग्रुप के मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. आपातकाल या सड़क अवरोध में रक्त उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाता है.

सामाजिक कार्यकर्ता ने उपायुक्त से की मांग
मामले को लेकर खोखर ने उपायुक्त से दो प्रमुख मांगें की हैं, जिसमें चाईबासा ब्लड बैंक के लाइसेंस का शीघ्र नवीनीकरण किया जाए, योग्य ब्लड बैंक तकनीशियन और ब्लड ट्रांसफ्यूजन तकनीशियन की तत्काल नियुक्ति हो शामिल है. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की नियुक्ति होने पर मशीनों का पूरा उपयोग हो सकेगा, समय-पैसे की बचत होगी और जिले के मरीजों को सभी ब्लड ग्रुप समय पर उपलब्ध हो सकेंगे.
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