Ranchi: देशभर में NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर बढ़ते आक्रोश के बीच NSUI ने केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है. गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय, रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI नेताओं ने कहा कि NEET परीक्षा में हुई अनियमितताओं ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य संकट में डाल दिया है. संगठन ने आरोप लगाया कि यह सिर्फ परीक्षा में गड़बड़ी नहीं, बल्कि छात्रों के सपनों और मेहनत के साथ सीधा खिलवाड़ है. NSUI ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने में विफल रही है.
“छात्र पढ़ाई करना चाहते हैं, सड़क पर उतरना नहीं”
प्रदेश NSUI अध्यक्ष विनय उरांव ने कहा कि देश में इस समय सबसे बड़ी चिंता छात्रों के भविष्य की है. उन्होंने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में गड़बड़ी ने 22 लाख से अधिक परिवारों को चिंता और तनाव में डाल दिया है. उन्होंने कहा, “छात्र पढ़ाई करना चाहते हैं, न कि सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना. लेकिन जब मेहनत और भविष्य दोनों पर सवाल उठने लगें, तो आंदोलन करना मजबूरी बन जाता है.”

दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो होगा उग्र आंदोलन
NSUI नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पेपर लीक मामले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में संगठन राज्यभर में उग्र आंदोलन करेगा. संगठन ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके.
