पश्चिम सिंहभूम: जिले के सारंडा के दुर्गम क्षेत्रों में नक्सल हिंसा का दंश झेल रहे ग्रामीणों और पुलिस के बीच की दूरी को कम करने के लिए शनिवार को मनोहरपुर थाना परिसर में सामुदायिक पुलिसिंग शिविर का आयोजन किया गया. चाईबासा पुलिस द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिला प्रशासन और पुलिस के साथ ग्रामीणों के समन्वय को सुदृढ़ करना तथा नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें स्वावलंबी बनाना रहा. नक्सल प्रभावितों को मिला स्वावलंबन का आधार
शिविर के दौरान चाईबासा पुलिस ने उन परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने भाकपा माओवादी संगठन द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोटक की चपेट में आने के कारण अपने परिजनों को खोया है या जो स्वयं इस हिंसा में घायल हुए हैं. इन परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया, जिसमे खेती-बारी में सहायता के लिए आधुनिक औजार,
सिंचाई की सुविधा को बेहतर करने के लिए पंप और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए सामग्री शामिल है.


