विनीत आभा उपाध्याय
Ranchi: रांची जिले के रातू के चटकपुर में दो दिन पहले करीब 90 सीएफटी बालू का गलत तरीके से उठाव कर लिया गया. या कहें कि खनन विभाग की तरफ से जब्त बालू की चोरी कर ली गयी. चोरी का आरोप और किसी पर नहीं बल्कि रांची जिले के डीएमओ अबु हुसैन पर लगा है. न्यूज वेव झारखंड ने शुक्रवार सुबह ही इस खबर को प्रकाशित कर दिया था कि विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. जल्द ही मामले के जांच के लिए विभाग कदम उठाने वाला है. इस मामले के जांच के लिए विभाग की तरफ से तीन सदस्यीय जांच कमेठी का गठन किया गया है. साथ ही बालू चोरी के आरोपी अबु हुसैन को शो-कॉज भी किया गया है. इस जांच कमेटी में एक डिप्टी डॉयरेक्ट और एडीएम रैंक के दो अधिकारी शामिल हैं.
यह भी पढ़ें: रांची: पेंशन अपडेट लिंक पर क्लिक करते ही खाते से उड़ गये 3.95 लाख रुपये, साइबर थाना में FIR दर्ज

सोशल मीडिया पर हुआ था वीडियो वायरल
दरअसल कुछ दिनों पहले खनन विभाग ने ही करीब 90 हजार सीएफटी बालू को रातू थाना क्षेत्र के चटकपुर से जब्त किया था. जब्ती के बाद रातू थाना को सीजर रिपोर्ट सौंपा गया था. इससे संबंधित कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. वायरल वीडियो में साफ तौर से देखा जा सकता है कि बालू उठाव के वक्त वहां रांची के डीएमओ अबु हुसैन मौके पर मौजूद थे.
बालू चोरी की पूरी कहानी
रातू के चटकपुर में बासुदेव पंडित और प्रवीण प्रजापति अवैध स्टॉक यार्ड बनाकर बालू का स्टॉक किए हुए थे. इस सूचना पर डीएमओ अबु हुसैन ने 12 मई को शाम में छापेमारी की. इस दौरान स्टॉक यार्ड के पास कोई नहीं मिला. उन्होंने इसकी सूचना रातू थानेदार को दी और बालू जब्त करने को कहा. थाना से एक सिपाही को जब्त स्थल पर भेजा गया. लेकिन, उसी रात करीब 11 बजे से सुबह 4 बजे तक 15 हाइवा से जब्त बालू का उठाव होने लगा. इसकी सूचना मिलते ही बालू कारोबारी सहित स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बालू उठाव का विरोध किया. वहां डीएमओ भी पहुंचे. ग्रामीण बालू ले जाने की वजह जानने पर अड़ गए. डीएमओ ने कहा कि जब्त बालू सरकारी संपत्ति है, इसलिए उसे अपने कब्जे में लिया गया है. हंगामे के बाद डीएमओ और पुलिसकर्मी ग्रामीणों को चेतावनी देकर चले गए.
यह भी पढ़ें: रांची में कल से शुरू होगी घर-घर जनगणना, हर मकान और परिवार का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
क्या कहता है नियम?
दरअसल चटकपुर में जब्त बालू खनन विभाग की संपत्ति थी. किसी भी खनिज संपदा को जब्त करने के बाद उसकी नीलामी की जाती है. नीलामी के दौरान जिस किसी को भी बालू नीलामी में मिलता है, वो उसका हकदार होता है. लेकिन यहां नियम और कानून को ताक पर रखकर डीएमओ अबु हुसैन ने जबरन अपने कुछ लोगों के साथ मिलकर रात के अंधेरे में बालू का उठाव कर लिया.
